केंद्र और किसानों की बातचीत से पहले हरियाणा भाजपा विधायकों की नब्ज मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने टटोली है। विधायकों की बातचीत का ब्योरा केंद्र के सामने बैठक से पहले रख दिया जाएगा। फिलहाल विधायकों को जनता के बीच जाकर सरकार की बात मजबूती के साथ रखने को कहा गया है। विधायक दल की बैठक में पंचायत चुनाव को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। फिलहाल पार्टी को निकाय चुनाव के नतीजे आने का इंतजार है।
इन नतीजों के बाद ही फैसला लिया जाएगा कि पंचायत चुनाव सिंबल पर लड़ें या नहीं। इस बीच विधायकों से निकाय चुनाव का भी फीडबैक लिया गया। जिन विधायकों को जातिगत समीकरणों के आधार पर अपने-अपने क्षेत्र में प्रभारी बनाया गया था, उनसे निकाय चुनाव की रिपोर्ट ली गई।
विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र का अनुभव साझा किया और बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में किस तरह की स्थिति है। किसान आंदोलन के बीच में हुए निकाय चुनाव पर भी उनकी राय पूछी गई। ऐसे में विधायकों ने यह स्वीकार किया है कि थोड़ा बहुत असर तो किसान आंदोलन का नजर आया है। जिसके बाद तीनों मेयर की सीट पर मंथन हुआ और वहां के वोट प्रतिशत पर चर्चा हुई।
नए साल में नए कलेवर में नजर आएगा संगठन
हरियाणा भाजपा के संगठन को नया रूप देने के लिए प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़, प्रभारी विनोद तावड़े, संगठन मंत्री रविंद्र राजू, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, सह प्रभारी और महामंत्री सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच देर तक मंथन हुआ। ढाई घंटे चली बैठक के इस दौर में हरियाणा में अटकी हुई नियुक्तियों पर भी चर्चा हुई और संगठन को ऊर्जावान बनाने पर जोर दिया गया।
किसानों के साथ बातचीत को लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार दोनों सकारात्मक हैं। कल बातचीत होनी है। हमें उम्मीद है कि बातचीत में हल निकलेगा। हरियाणा में पंचायतों का कार्यकाल फरवरी के मध्य में पूरा हो रहा है। मुझे लगता है कि पंचायत चुनाव तय समय पर होंगे। ओम प्रकाश धनखड़ प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा भाजपा।