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52वीं बार ट्रांसफर हुए आईएएस अशोक खेमका नहीं आ रहे सरकार को रास, क्लिक कर यहां जानिए क्यों

Tue, 05 Mar 2019 10:35 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अशोक खेमका
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हरियाणा के चर्चित आईएएस अधिकारी अशोक खेमका बीते 15 साल से किसी सरकार को रास नहीं आ रहे। ओमप्रकाश चौटाला सरकार के समय शुरू हुआ टकराव का दौर आज तक खत्म ही नहीं हुआ। खेमका जिस भी विभाग में जाते हैं, उनकी कलम भ्रष्टाचार के मामलों पर अटक जाती है, जो उनके तबादले का कारण बनता है। वह अपने और अन्य विभागों में हो रहे गलत कामों पर भी बेबाकी से राय रख देते हैं, जो सरकारों को अखर जाता है। रविवार को खेमका का 52वां तबादला हुआ है।
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इस बार वजह सरकार से एसीआर सहित अरावली में चकबंदी मामले में टकराव भी बताया जा रहा है, लेकिन बड़ी वजह यह भी है कि खेल विभाग में खेमका ने भ्रष्टाचार पर नकेल कस दी थी। खेल मंत्री अनिल विज तो इससे बेहद खुश थे, लेकिन सरकार में बैठे कुछ लोगों को इससे परेशानी हो रही थी। खेल विभाग को स्ट्रीमलाइन करने के लिए किए गए सुधार भी खेमका के विरोधियों को नहीं भाए। प्रतियोगिताओं के इनामों की बंदरबांट पर रोक कई अधिकारियों को अखर रही थी। जिलास्तर पर खेल विभाग की ओर से भेजी जाने वाली राशि का दुरुपयोग तक रुक गया था।

स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान खेल प्रतियोगिताओं में हुई फिजूलखर्ची की रिकवरी खेमका ने आईएएस अधिकारियों से ही करने के लिए सरकार को पत्र लिख दिया था। इसके अलावा चहेतों को रेवड़ियां बांटने पर रोक लगा दी थी। यही नहीं खेल नीति अनुसार ही पदक विजेता खिलाड़ियों को इनाम देने के वह पक्षधर थे, जिसमें विज का उन्हें साथ मिल रहा था, लेकिन खिलाड़ी विरोध जता रहे थे। सरकार चुनावी साल में खिलाड़ियों को किसी सूरत में नाराज नहीं करना चाहती, ऐसे में खेमका कुछ नया करते उससे पहले ही उन्हें खेल विभाग से विदा कर दिया गया।
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सूत्रों के अनुसार बीते कुछ महीनों में खेमका ने विभाग के अनेक पुराने मामलों में भी खामियां पकड़ी थीं और सरकार को कार्रवाई के लिए संस्तुति की थी।
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