हरियाणा में 11 पुलिस अधीक्षकों की कार्य प्रणाली से नाखुश होते हुए गृहमंत्री अनिल ने अपने तेवर सख्त कर दिए हैं। विज ने कहा कि जिन अधिकारियों के पास केस पेंडिंग हैं और उन्होंने इसका स्पष्टीकरण नहीं दिया या केसों को निपटाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी। इसके अलावा उन्होंने हरियाणा के डीजीपी को आदेश दिए हैं कि उनके कार्यालय से भेजी गई कोई भी शिकायत डीएसपी स्तर के अधिकारी के पास जाएगी। जिन शिकायतों पर पहले से जांच चल रही है। उनकी जांच बदल कर दूसरे अधिकारी को दी जाए।
सीएम बढ़ा सकते हैं निगम मेयरों की ‘पॉवर’
हरियाणा में सभी नगर निगमों के मेयरों की ‘पॉवर’ बढ़ सकती है। उनकी वित्तीय शक्तियों को और अधिक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा निगमों से जुड़े अन्य मसलों पर भी मंथन होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री हरियाणा ने शनिवार को सभी निगमों के मेयरों व आयुक्तों की बैठक अपने आवास पर बुलाई है। बताते चलें कि सभी निगमों के मेयर इस समय भाजपा समर्थित हैं।
मगर निगम मेयरों की वित्तीय शक्तियां यदि देखें तो इस वक्त बहुत ज्यादा नहीं है। मेयर खुद अपनी फाइनेंशियल पॉवर को बहुत नाकाफी बताते हैं। इसी वजह से कई बार विकास कार्यों को लेकर मेयरों व निगम अफसरों में कई बार टकराव भी बना रहता है। मेयरों की मांग भी है कि प्रदेश सरकार उनकी वित्तीय शक्तियां बढ़ाएं।
इसके अलावा सीएम इस बैठक के दौरान निगमों से जुड़े अन्य मामलों और निगमों के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों पर भी चर्चा कर सकते हैं। इतना ही नहीं पिछले दिनों शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने निकायों में होने वाली वित्तीय अनियमितताओं का कैग से स्पेशल ऑडिट करवाने के निर्देश दिए थे। इस बैठक में सीएम, मेयर व अफसर इस मसले पर भी चर्चा कर सकते हैं।