दूसरी जाति की लड़की से शादी करना लड़के के परिवार को महंगा पड़ गया। पंचायत ने उसके पिता को तुगलकी फरमान सुना दिया। जिसके बाद लड़के के पिता को परिवार के समेत गांव छोड़ना पड़ा, इस दौरान उसके घर में आग लगा दी गई। इस मामले में पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी है।
बापौली ब्लॉक के एक गांव निवासी पीड़ित ने बताया कि उसके दो बेटी और दो बेटे हैं। उन्होंने बताया कि 23 वर्षीय बड़े बेटे ने 19 दिसंबर को दूसरी जाति की लड़की से विवाह कर दिया। इस बात का पता चलने पर उसकी ही जाति के लोग विरोध में उतर आए। उसके घर में घुसकर मारपीट गई और वे उसके छोटे बेटे को उठाकर ले गए। उससे बड़े भाई का पता पूछा और फिर मारपीट कर ताऊ के घर पर छोड़ गए। 20 दिसंबर को लड़के के पिता की जाति के लोगों ने पंचायत बुलाई और जहां उसे भी बुलाया गया।
इसके बाद से बिरादरी बाहर करने और गांव छोड़कर जाने का फरमान सुना दिया गया। पंचायत के दौरान ही एक राजनीतिक पार्टी से संबंध रखने वाले नेता ने पिता को भरी पंचायत में थप्पड़ मारे। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान पंचायत में मौजूद एक पुलिसकर्मी ने भी उसे पीटा। नतीजा पूरे परिवार ने 24 दिसंबर को गांव छोड़ दिया। अब 13 जनवरी को पीड़ित को खबर मिली कि उसके घर में आग लगा दी गई है। इसके बाद पिता ने पुलिस को शिकायत दी है।
परिवार के साथ रिश्तेदारों के घर रहने को मजबूर
अपनी पंसद से बेटे का विवाह करना पिता एवं परिवार को इतना भारी पड़ेगा, शायद उसने सोचा भी नहीं होगा। पीड़ित पिता ने बताया कि वह 24 दिसंबर से अपने रिश्तेदारों के पास रह रहा है। कभी किसी रिश्तेदार तो कभी किसी के घर रहे रहे हैं।
विवाहित बेटी पिता के घर रहने गई तो स्थानीय नेता ने निकाला
पिता और परिवार के गांव छोड़ने के बाद जब विवाहित बेटी घर की देखरेख करने को पिता के रहने गई तो उसे भी रहने नहीं दिया गया। बेटी के दो दिन गांव में रहने के बाद तीसरे दिन 11 जनवरी को पंचायत में पिता को पीटने वाला स्थानीय नेता और उसे धमकाया। जिसके बाद बेटी को भी वहां से जाना पड़ा। इसके बाद उसके घर में आग लगा दी गई कि कोई भी वहां रहने नहीं आ सके।
पुलिस के संरक्षण में रह रहा नवदंपती
पीड़ित पिता ने बताया कि लड़की पक्ष की जाति के लोगों ने भी 23 दिसंबर को पंचायत की थी। जिसमें उन्हें बुलाया था। उन्होंने पंचायत में आरोप लगाया था कि लड़के की ताई को सब कुछ पता था, लेकिन उसके बावजूद भी उसने किसी को कुछ नहीं बताया और लड़का लड़की को भगाने की उसने साजिश रची। वहीं लड़की पक्ष की ओर से लड़के खिलाफ उनकी बेटी को भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
गांव से परिवार को निकलने का मामला संज्ञान में नहीं
गांव से परिवार को निकालने के तुगलकी फरमान का कोई भी ऐसा मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्हें ऐसी किसी भी पंचायत में शामिल नहीं किया गया। अगर ऐसा हुआ है तो वह इस बारे में बैठक बुलाएंगे।
- राकेश अहलावत, सरपंच
पिता झूठ बोल रहा है, उसके बयान में कतई सच्चाई नहीं है
पुलिसकर्मी पर लगाए आरोप निराधार है। शिकायतकर्ता झूठ बोल रहा है। उसके बेटा और बहू सेफ हाउस में रहा है। वहीं घर पर आग लगाए जाने की शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है।
- अनिल कुमार, एसएचओ, सेक्टर 13-17