हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने श्रम विभाग के अधिकारिओं को निर्देश दिए कि वे जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों या अन्य किसी स्थानों पर कैंप लगाकर श्रमिकों को उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में अवगत करवाएं, ताकि ऐसे सभी लोग इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सकें।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि श्रमिकों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की जाए और यदि किसी योजना के तहत निश्चित समयावधि में भुगतान करने में देरी हो रही है तो उसके अन्य विकल्प तलाशे जाएं ताकि निश्चित समय में श्रमिक को लाभ प्रदान किया जा सके। इसके अलावा, हर श्रमिक को कर्मचारी आईडी दिया जाए।
दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वर्ष 2020 के जनवरी माह को श्रम माह का नाम देकर श्रम विभाग के तहत पंजीकृत हरियाणा की फैक्ट्रियों और दुकानों इत्यादि का निरीक्षण किया जाए।
उन्होंने कहा कि पहले 15 दिनों में 11 जिलों की और बाद के 15 दिनों में शेष 11 जिलों की फैक्ट्रियों और दुकानों को निरीक्षण के लिए 15-15 दिनों का अंतरिम नोटिस भेजा जाए ताकि निरीक्षण में फैक्ट्री या अन्य किसी एक्ट के उल्लंघन और उनमें कार्य करने वाले श्रमिकों से संबंधित अनियमितताओं के बारे में पता लगाया जा सके। यदि किसी प्रकार की अनियमितताएं सामने आती हैं तो कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के लिए जो भी टीम जाएगी उसे निरीक्षण के समय बॉडी कैमरा लगाना अनिवार्य होगा ताकि पूरे निरीक्षण की वीडियोग्राफी हो सके।