मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने सिख राज की पहली राजधानी रहे लौहगढ़ को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए अनेक घोषणाएं की हैं। बुधवार को लौहगढ़ आए सीएम ने गांव भगवानपुर से लौहगढ़ तक करीब दो किलोमीटर लंबी पक्की सड़क व पुल बनाने की घोषणा की। सरस्वती नदी के उद्गम स्थल आदि बद्री और लौहगढ़ को जोड़ने के लिए लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क बनाने की भी घोषणा की। लौहगढ़ में साल भर पानी उपलब्ध कराने के लिए यहां डैम भी बनाया जाएगा।
इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष तौर पर तैयार किए गए मैप का मुख्यमंत्री ने बारीकी से अध्ययन किया। उनके साथ उनके प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी मौजूद थे। इससे पहले सीएम ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका व बाबा बंदा सिंह बहादुर की मूर्ति पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में बंदा सिंह बहादुर की स्मृति में बने चप्पड़-चिड़ी की तर्ज पर यहां पर भी वह यादगार बनाना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री, मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। सीपीएस बख्शीश सिंह विर्क ने कहा कि मुख्यमंत्री का इस स्थान से विशेष लगाव है। इस क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह की 350वीं जयंती मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 100 करोड़ रुपये दिए हैं।
भाजपा नेता हरपाल सिंह चीका ने कहा कि वर्ष 1996 के बाद पहली बार हरियाणा में भाजपा की सरकार मनोहर लाल के नेतृत्व में बनी है, जो पूरे प्रदेश में सभी लोगों को साथ लेकर समान विकास कार्य कर रही है। इस अवसर पर गांव भगवानपुर की सरपंच परमजीत कौर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया व गांव में विकास कार्य करवाने का आग्रह किया।
बंदा सिंह बहादुर के साथ शहीद हुए सैनिकों में मेरे पूर्वज भी : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1716 में बंदा सिंह बहादुर को 759 सैनिकों के साथ कैद करके दिल्ली ले जाया गया, जहां महरौली के निकट बंदा सिंह बहादुर और उनके सैनिकों को शहीद कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि इन शहीदों में उनके पूर्वज भी थे। इस कारण उनकी बंदा सिंह बहादुर के साथ श्रद्धा जुड़ गई है। उन्होंने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर को समर्पित 300 साला शहीदी मार्च 31 मई को डेरा बाबा, जम्मू से चलेगा और नौ जून को महरौली में संपन्न होगा। शहीदी मार्च तीन जून को यहां गुरुद्वारा लौहगढ़ साहिब में पहुंचेगा। इस अवसर पर वह स्वयं यहां उपस्थित होकर शहीदी मार्च में भाग लेंगे।