मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बैसाखी पर्व पर वीरवार को 50 एकड़ क्षेत्र में 646 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए 650 बेड क्षमता वाले कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज जनता को समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के लिए जल्द ही चिकित्सा बीमा योजना भी शुरू की जाएगी, ताकि आपात समय में पात्र व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्ष 2017-18 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट में 15. 52 प्रतिशत वृद्धि की है। वर्ष 2017-18 के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 3839 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ समानांतर रूप से चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए भी योजनाबद्ध रूप से कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने भी संबोधित किया। इस मौके पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री कर्णदेव काम्बोज, मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क, हैफेड के चेयरमैन एवं घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण, नीलोखेड़ी के विधायक एवं भाजपा के जिलाध्यक्ष भगवानदास कबीरपंथी, मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरेंद्र सिंह, अंतरिक्ष यात्री स्व. कल्पना चावला के पिता बनारसी दास चावला आदि रहे। बता दें कि मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास वर्ष 2012 में हुआ था। पांच साल बाद जनता को यह कॉलेज समर्पित हुआ है।
हर जिले में होगा मेडिकल कालेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के मापदंड के अनुसार प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को विस्तार देकर ही चिकित्सकों की कमी को पूरा किया जा सकता है। प्रत्येक जिले में एक चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को विस्तार देकर प्रत्येक वर्ष 2 हजार चिकित्सक तैयार करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। जींद और भिवानी में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है।