पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को अपनी सरकार राज्य में रोजगार पैदा करने के दावों को सबूतों समेत जारी करते हुए अकालियों से कहा कि अकाली नेता राज्य के लोगों को झूठ बोलकर गुमराह करने के बदले माफी मांगें। कैप्टन ने कहा कि पूरी तरह से नकारी और नजरअंदाज की गई सुखबीर की पार्टी के साथियों को कुछ भी पता नहीं लग रहा कि पंजाब में क्या हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके (मुख्यमंत्री) कहे हर शब्द पर प्रतिक्रिया देने के लिए अकाली नेता इतने तत्पर रहते हैं कि वह असली तथ्यों को देखे बिना ही अपनी अनावश्यक और बेबुनियाद बयानबाज़ी शुरू कर देते हैं। मुख्यमंत्री ने अकालियों को चुनौती दी कि वह अपने 10 साल के कुशासन के दौरान नौजवानों के लिए पैदा किए रोजगार के आंकड़े भी पेश करें।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अपने तीन साल के कार्यकाल में अकालियों के 10 साल में किये कार्यों से अधिक काम कर दिए हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अकाली दल अपने कार्यकाल के दौरान राज्य के लोगों के साथ किए खिलवाड़ और ज्यादतियों के बदले पछतावा करें या माफी मांगे और पिछले छह सालों के दौरान केंद्र सरकार में हिस्सेदारी होते हुए भी पंजाब के लोगों के लिए कोई फायदा करवा कर अपनी हाजिरी दर्ज करवाने की बजाय अकाली नेता दयनीय ढंग से राजनैतिक ड्रामे करते आ रहे हैं।
1215969 लोगों को दिए रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ विवरण जारी करते हुए कहा कि वास्तव में 1 अप्रैल, 2017 से अब तक रोजगार के पैदा किए मौकों का डाटा 11 लाख से भी अधिक है, जिसका उन्होंने दिल्ली में कांग्रेसी उम्मीदवार के लिए प्रचार करते हुए भी खुलासा किया था। उन्होंने कहा कि सरकारी तौर पर उनके पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल, 2017 से 31 दिसंबर, 2019 तक 57,905 सरकारी नौकरियां पैदा की गईं जबकि 3,96,775 प्राइवेट तौर पर प्लेसमेंट करवाई गई और 7,61,289 को उनकी सरकार द्वारा स्व-रोजगार के तहत मदद मुहैया करवाई गई।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'सुखबीर और उसके साथियों को मैं बता दूं कि उक्त कुल विवरण का जोड़ 12,15,969 बनता है, जो दिल्ली प्रचार के दौरान मेरे द्वारा कहे गए 11 लाख के आंकड़े से भी अधिक है।' कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इसके अलावा 20,21,568 घर को मनरेगा स्कीम के अंतर्गत रोजगार दिया गया जिसके अंतर्गत 648.26 लाख रुपये अदा हुए।