राज्य सरकार ने 2020-21 के बजट में अप्रैल माह के दौरान 3360 करोड़ के राजस्व प्राप्ति का अनुमान लगाया था। इसमें जीएसटी के 1322 करोड़ रुपये, पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट के 465 करोड़ रुपये, प्रांतीय आबकारी राजस्व के 521 करोड़ रुपये, मोटर व्हीकल टैक्स के 198 करोड़ रुपये, बिजली कर के 243 करोड़ रुपये, स्टांप ड्यूटी के 219 करोड़ रुपये और गैर करों से राजस्व के 392 करोड़ रुपये शामिल थे।
कैप्टन का मानना है कि यह प्राप्तियां काफी घटने की उम्मीद है क्योंकि लॉकडाउन के कारण राज्य में ज्यादातर आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं। एसजीएसटी, आईजीएसटी, वैट, आबकारी, स्टांप ड्यूटी और मोटर व्हीकल टैक्सों के रूप में राजस्व प्राप्ति घटी है। यही नहीं बिजली के उपभोग में कमी आने से अप्रैल के दौरान बिजली ड्यूटी के अनुमानित राजस्व में भी 60 प्रतिशत गिरावट आई है।
औद्योगिक इकाइयां ऑनलाइन अप्लाई कर शुरू कर सकती हैं काम: अरोड़ा
पंजाब सरकार के गृह मामले व न्याय विभाग द्वारा पिछले हफ्ते जारी किए दिशा-निर्देशों के तहत, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर की पालना करते हुए, जो औद्योगिक इकाइयां अपना कामकाज शुरू करना चाहतीं हैं, वह उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन अप्लाई कर अपना काम शुरू कर सकतीं हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने बताया कि कर्फ्यू में कामकाज चलाने की सुविधा के लिए लिंक https://pbindustries.gov.in/static/covidIndustryPermission तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मंजूरी देने के लिए डिप्टी कमिश्नरों द्वारा जिला उद्योग केंद्रों के जनरल मैनेजरों को अधिकृत किया गया है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 15 अप्रैल और पंजाब सरकार के गृह मामले व न्याय विभाग द्वारा 18 अप्रैल को जारी दिशा-निर्देशों के तहत कुछ औद्योगिक इकाइयों को काम करने की आज्ञा दी गई है। पोर्टल में आवेदन जमा करवाने और मंजूर होने पर निवेशक को एसएमएस भेजने का प्रबंध किया गया है। मंत्री ने कहा कि इस ऑनलाइन सुविधा के साथ जरूरी मंजूरी प्राप्त करने के लिए लगने वाले समय की बचत होगी।