फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मांगी पंजाब में शराब बिक्री की इजाजत, ऑनलाइन अप्लाई करें औद्योगिक इकाइयां

Wed, 22 Apr 2020 12:09 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

पंजाब में राजस्व और खर्च के बीच बढ़ते चिंताजनक अंतर की तरफ इशारा करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह राज्य में शराब की बिक्री की इजाजत दे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को मंगलवार को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के चलते सभी राज्य वित्तीय संकटों का सामना कर रहे हैं। 

विज्ञापन


कोविड-19 आपदा से निपटने के लिए केंद्र अप्रैल माह के लिए 3000 करोड़ रुपये के अंतरिम मुआवजे की राशि जारी करे। इसके साथ ही उन्होंने चार माह की 4400 करोड़ रुपये की बकाया जीएसटी की राशि भी तुरंत जारी करने की मांग दोहराई। सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य एवं राहत कार्यों के मद्देनजर पंजाब के खजाने पर काफी बोझ पड़ रहा है जो निरंतर बढ़ता ही जाएगा। 

लॉकडाउन के चलते व्यापार, कारोबार और उद्योग बंद होने के कारण राजस्व की कोई प्राप्ति नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को कोविड -19 की रोकथाम के लिए सोशल डिस्टेंस और अन्य कदमों का सख्ती से पालन करते हुए चरणबद्ध ढंग से कुछ इलाकों में शराब की बिक्री की आज्ञा देनी चाहिए। इससे वैट और आबकारी राजस्व जुटाया जा सकेगा। इससे राज्य की देनदारियां व रोजमर्रा के कुछ खर्चे निपटाएं जा सकेंगे।
विज्ञापन


नांदेड़ साहिब में फंसे श्रद्धालुओं के लिए गृह मंत्री को लिखा पत्र
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि वह हजूर साहिब (नांदेड़) में फंसे पंजाबी श्रद्धालुओं को वापस आने की मंजूरी दें, क्योंकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इसके लिए केंद्र की आज्ञा को अपेक्षित बताया है। कैप्टन ने पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बातचीत की, जिन्होंने कहा कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के चलते फंसे हुए श्रद्धालुओं को वापस जाने के लिए केंद्र की मंजूरी की जरूरत है। उन्होंने इस संबंध में अमित शाह को पत्र भी लिखा है।

विज्ञापन

अप्रैल में 3360 करोड़ के राजस्व प्राप्ति का था अनुमान

राज्य सरकार ने 2020-21 के बजट में अप्रैल माह के दौरान 3360 करोड़ के राजस्व प्राप्ति का अनुमान लगाया था। इसमें जीएसटी के 1322 करोड़ रुपये, पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट के 465 करोड़ रुपये, प्रांतीय आबकारी राजस्व के 521 करोड़ रुपये, मोटर व्हीकल टैक्स के 198 करोड़ रुपये, बिजली कर के 243 करोड़ रुपये, स्टांप ड्यूटी के 219 करोड़ रुपये और गैर करों से राजस्व के 392 करोड़ रुपये शामिल थे।

कैप्टन का मानना है कि यह प्राप्तियां काफी घटने की उम्मीद है क्योंकि लॉकडाउन के कारण राज्य में ज्यादातर आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं। एसजीएसटी, आईजीएसटी, वैट, आबकारी, स्टांप ड्यूटी और मोटर व्हीकल टैक्सों के रूप में राजस्व प्राप्ति घटी है। यही नहीं बिजली के उपभोग में कमी आने से अप्रैल के दौरान बिजली ड्यूटी के अनुमानित राजस्व में भी 60 प्रतिशत गिरावट आई है। 

औद्योगिक इकाइयां ऑनलाइन अप्लाई कर शुरू कर सकती हैं काम: अरोड़ा
पंजाब सरकार के गृह मामले व न्याय विभाग द्वारा पिछले हफ्ते जारी किए दिशा-निर्देशों के तहत, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर की पालना करते हुए, जो औद्योगिक इकाइयां अपना कामकाज शुरू करना चाहतीं हैं, वह उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन अप्लाई कर अपना काम शुरू कर सकतीं हैं। 

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने बताया कि कर्फ्यू में कामकाज चलाने की सुविधा के लिए लिंक https://pbindustries.gov.in/static/covidIndustryPermission तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मंजूरी देने के लिए डिप्टी कमिश्नरों द्वारा जिला उद्योग केंद्रों के जनरल मैनेजरों को अधिकृत किया गया है। 

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 15 अप्रैल और पंजाब सरकार के गृह मामले व न्याय विभाग द्वारा 18 अप्रैल को जारी दिशा-निर्देशों के तहत कुछ औद्योगिक इकाइयों को काम करने की आज्ञा दी गई है। पोर्टल में आवेदन जमा करवाने और मंजूर होने पर निवेशक को एसएमएस भेजने का प्रबंध किया गया है। मंत्री ने कहा कि इस ऑनलाइन सुविधा के साथ जरूरी मंजूरी प्राप्त करने के लिए लगने वाले समय की बचत होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें