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राम विलास और नितिन गडकरी से मिले कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब के शहरों में रिंग रोड बनाने की उठाई मांग

Thu, 27 Jun 2019 10:33 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से कैप्टन ने की मुलाकात - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से उनके मंत्रालय में मुलाकात कर राज्य के बड़े शहरों के आसपास रिंग रोड बनाने की मंजूरी जल्दी देने, मोहाली हाईटेक मेटल क्लस्टर के लिए भारत सरकार की 3.72 करोड़ रुपये की तीसरी किश्त जारी करने और होशियारपुर में लकड़ी की मीनाकारी के क्लस्टर के लिए ‘सफुर्ती’ स्कीम अमल में लाने समेत कई मुद्दों पर चर्चा की और राज्य के अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने की मांग की।

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उन्होंने राज्य में एमएसएमई में नई जान फूंकने के लिए केंद्रीय मंत्री को पंजाब आने का न्योता दिया। गडकरी ने कैप्टन को भरोसा दिलाया कि उनके मंत्रालयों द्वारा पंजाब से संबंधित बकाया मसलों पर विचार करके इनका जल्द हल निकाला जाएगा। कैप्टन ने गडकरी को दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी की अपील की। 

मुख्यमंत्री ने दुख जताया कि राज्य सरकार ने मंत्रालय को इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए कई बार अपील की लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ सूबे के पीडब्ल्यूडी मंत्री विजय इंदर सिंगला, सांसद परनीत कौर, मनीष तिवारी और गुरजीत सिंह औजला, मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह और सचिव लोक निर्माण विभाग हुस्न लाल भी उपस्थित थे।

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Amarinder singh - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने गडकरी को बताया कि मोहाली/चंडीगढ़, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, संगरूर और बठिंडा के आसपास रिंग रोड का निर्माण करने के लिए अधिग्रहित की जाने वाली ज़मीन की 50 प्रतिशत कीमत राज्य सरकार द्वारा वहन करने पर सहमति पहले ही दे दी है। 

यह रिंग रोड केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के ‘भारतमाला’ के तहत बनाया जाना हैं। केंद्रीय मंत्रालय ने बठिंडा के आसपास रिंग रोड बनाने की मंजूरी पहले ही दे दी है। मुख्यमंत्री ने रिंग रोड प्रोजेक्ट में तकनीकी सलाहकार की नियुक्ति के लिए 636.45 लाख रुपये के फंड की तुरंत मंजूरी मांगी ताकि इन सड़कों के लिए ज़रूरी रूपरेखा तय की जा सकें।

मुख्यमंत्री ने इन प्रोजेक्टों की मांगी मंजूरी
-दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट, पटियाला-सरहिंद-मोरिंडा मार्ग को फोरलेन करने, बंगा-गढ़शंकर-आनंदपुर साहिब-नैना देवी मार्ग को राष्ट्रीय मार्ग घोषित करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने पटियाला-पेहौवा-कुरूक्षेत्र-लाडवा-यमुनानगर (30.30 किमी.), प्रेमनगर-मोरिंडा- चमकौर साहिब -बेला -पनियाली रोड (31 किमी), खन्ना-मालेरकोटला-रायकोट -जगरावं रोड (120 किमी), नवांशहर -राहों -माछीवाड़ा -समराला -खन्ना रोड (65 किमी), तरनतारन -गोइन्दवाल साहिब -कपूरथला रोड (50 किमी) और गुरदासपुर-मुकेरियां-तलवाड़ा -मुबारकपुर रोड (83 किमी) के प्रोजेक्ट शामिल हैं। खरड़-बनूड़ -तेपला सड़क राष्ट्रीय मार्ग-205ए को फोरलेन करने, भवानीगढ़ में फ्लाईओवर का निर्माण आदि की मांग की।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले के मंत्री राम विलास पासवान ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा 31000 करोड़ रुपये के लंबित सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) के मसले के हल के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ संयुक्त बैठक करने का निर्णय लिया है। पासवान ने केंद्रीय बजट सत्र के बाद बैठक करने की सहमति दी है। 

केंद्रीय मंत्री ने अतिरिक्त भंडारण क्षमता तैयार करने की भी पंजाब को इजाजत देने पर सहमति जताई है, जिससे राज्य में इस रबी सीजन के दौरान फसल का भंडारण करने की समस्या से निपटा जा सके। कैप्टन गेहूं के खरीद सीजन के दौरान राज्य में भारी बेमौसमी बारिश से गेहूं के दानों को पहुंचे नुकसान के लिए खरीद के मापदंडों में ढील हासिल करने में भी सफल हुए।
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बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि सीसीएल मामला नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद के नेतृत्व वाली कमेटी को भेजा जा चुका है। रमेश चंद 15वें वित्त आयोग के सदस्य हैं। यह कमेटी पंजाब सरकार के कर्ज संबंधी उन सभी पक्षों का अध्ययन करेगी, जो भारतीय खाद्य निगम/खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के हवालों से सीसीएल के रूप में एकत्रित हुआ है।

96 लाख टन गेहूं खुले मैदान में किया है स्टोर
अनाज के भंडारण की गति धीमी होने पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने पासवान को बताया कि राज्य सरकार को अनाज के भंडारण में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रांतीय एजेंसियों द्वारा इस समय 160 लाख टन गेहूं और 160 लाख धान की फसल का भंडारण किया गया है जबकि 96 लाख टन गेहूं खुले में पड़ा है और एक साल से अधिक समय पहले खरीदी 10.5 लाख गेहूं अभी तक खुले में भंडारण की हुई है। 
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