फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab News: देश में सबसे अधिक पंजाब में होगा गन्ने का मूल्य, सीएम भगवंत मान ने किया एलान

Fri, 24 Nov 2023 10:50 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि समाज के किसी भी वर्ग के साथ बातचीत के लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं लेकिन प्रदर्शनों के नाम पर आम आदमी की परेशानी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।
विज्ञापन
पंजाब के सीएम भगवंत मान। - फोटो : twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में भी गन्ना किसानों को सबसे अधिक मूल्य देना जारी रखेगी। शुक्रवार को पंजाब भवन में किसान जत्थेबंदियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों को अधिक कीमत देने में हमेशा पहले नंबर पर रही है और अब भी यही रुझान जारी रहेगा। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्टेट ऐग्रीड प्राइस (एसएपी) के तहत गन्ने का भाव 380 रुपये प्रति क्विंटल दे रही थी, जो देश में अब तक सबसे अधिक था लेकिन हरियाणा ने हाल ही में यह मूल्य बढ़ा कर 386 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। मान ने कहा कि आने वाले दिनों में शुगर मिल मालिकों के साथ बैठक के बाद राज्य सरकार जल्दी ही मूल्य में विस्तार करके किसानों को खुशखबरी देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली दफा हमारी सरकार ने गन्ना काश्तकारों के पिछली सरकारों की तरफ से छोड़े सभी बकायों का भुगतान कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 16 चीनी मिलें हैं, जिनमें से नौ सहकारी क्षेत्र की हैं और बाकी निजी क्षेत्र से संबंधित हैं। मान ने कहा कि सिर्फ फगवाड़ा और धूरी की दो निजी मिलों की अदायगी बकाया है। उन्होंने कहा कि इन मिलों से पैसे की रिकवरी के लिए कार्रवाई चल रही है और इन मिलों की जायदाद बेचने के बाद किसानों को भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि समाज के किसी भी वर्ग के साथ बातचीत के लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं लेकिन प्रदर्शनों के नाम पर आम आदमी की परेशानी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस रुझान को रोकने की जरूरत है। इससे प्रदर्शनों के कारण आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि किसान संगठनों ने इसका सकारात्मक समर्थन दिया।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें