9020 करोड़ में से 1804 करोड़ रुपये पीएसपीसीएल को दिए गए हैं और बाकी 7216 करोड़ हर साल 1804 करोड़ रुपये की चार सालाना किस्तों के रूप में दिए जाएंगे। इस मौके पर पीएसपीसीएल के सीएमडी इंजीनियर बलदेव सिंह सरां भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को दी जा रही 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली की योजना जारी रहेगी। मान ने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक 3538 नौजवानों को पावरकॉम में नौकरियां दीं हैं।
आबकारी नीति से आया 8841 करोड़ का राजस्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि भले ही राज्य सरकार तीन महीने की देरी से आबकारी नीति लाई लेकिन इससे राज्य को 8841 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह राजस्व पिछले वर्ष की अपेक्षा 2587 करोड़ अधिक है, जोकि 41.41 प्रतिशत अधिक बनता है। अगले वित्त वर्ष के लिए 9754 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है और इसको भी पूरा कर लिया जाएगा।
जीएसटी वसूली में 16.6 फीसदी की बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जीएसटी की वसूली में भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले पंजाब जीएसटी की वसूली में सबसे बुरा प्रदर्शन कर रहा था लेकिन अब 16.6 प्रतिशत के वृद्धि के साथ राज्य जीएसटी संग्रह में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। पिछले वित्त वर्ष में 18126 करोड़ जीएसटी राजस्व एकत्रित हुआ था जबकि उससे पिछले वर्ष 15542 करोड़ एकत्रित हुए थे।
स्टांप ड्यूटी में छूट से बढ़ा राजस्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन-जायदाद की रजिस्ट्रेशन के लिए स्टांप ड्यूटी पर 2.25 फीसदी की छूट का नया तजुर्बा सफल रहा और मार्च महीने में राजस्व वसूली में नया रिकॉर्ड बना है। फरवरी में 339 करोड़ रुपये का राजस्व पैदा हुआ था जबकि मार्च महीने में यह राजस्व बढ़ कर 658.68 करोड़ हो गया। पंजाब के लोगों खास कर खेती से जुड़े लोगों के सुझाव पर यह छूट 30 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है।
आरडीएफ के लिए अदालत जा सकती है सरकार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र से ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) का बकाया लेने के लिए अदालत जाने की संभावनाएं तलाश रही है। केंद्र सरकार आरडीएफ के 30,000 करोड़ रुपये रोककर राज्य को अनावश्यक परेशान कर रही है। चाहे राज्य सरकार ने फंड हासिल करने के लिए सारी औपचारिक कार्रवाई पूरी कर ली है फिर भी केंद्र सरकार ने राज्य के जायज फंडों को जानबूझ कर रोक दिया है, जो राज्य के साथ नाइंसाफी है।
आम आदमी क्लीनिकों से तैयार हो रहा डाटा
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य भर में 504 आम आदमी क्लीनिक लोगों को समर्पित किए जा चुके हैं और ऐसे 134 और क्लीनिक जल्द शुरू होंगे। इन क्लीनिकों से अब तक 21.21 लाख मरीज लाभ उठा चुके हैं और कुछ ही महीनों में लाखों मरीजों के मुफ्त टेस्ट किए गए हैं। इस क्लीनिकों का एक लाभ यह भी हुआ है कि सरकार के पास, सूबे में फैले रोगों का डाटा भी तैयार हो रहा है। यह पता चल रहा है कि किस क्षेत्र में कौन से रोग के मरीज अधिक हैं। इस डाटा के आधार पर प्रभावित जिलों में संबंधित रोग के निदान के लिए विशेषज्ञ मुहिम चलाई जा सकेगी।