उन्होंने बताया कि पंजाब हेरिटेज अप्रूवल बोर्ड ने 16 दिसंबर, 2010 को मेट्रो इको ग्रीन रिजार्ट को मंजूरी दी और उसके साथ ही ताज ट्रैवल प्राइवेट लिमिटेड को भी 9 मार्च, 2012 को बल्लांपुर में 23 कनाल 16 मरले के लिए मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दोनों कंपनियां बादल परिवार की ही हैं, जिनमें 5 जुलाई, 2013 को ताज ट्रैवल ने अपनी जमीन मेट्रो इको ग्रीन रिजार्ट के नाम कर दी। उन्होंने बताया कि मेट्रो इको ग्रीन के ज्यादातर शेयर बादल परिवार के पास हैं। इनमें सुखबीर बादल के पास 100 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 183225 शेयर हैं जबकि हरसिमरत कौर बादल के पास 81500 शेयर हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस तरह सारी जमीन को एकजुट किया गया। इसमें पॉकेट-ए में 86 कनाल 16 मरले, पॉकेट-बी में 55 कनाल 16 मरले, पॉकेट-सी में 23 कनाल 16 मरले जगह थी। इस तरह कुल 20.8 एकड़ जमीन बन गई। मुख्यमंत्री मान ने बताया कि 27 मई, 2013 को सुखविलास का निर्माण शुरू किया गया और इसमें एक अप्रैल 2016 से व्यापारिक गतिविधियां भी शुरू हो गईं।
कुल 108 करोड़ 73 लाख रुपये का फायदा उठाने का ब्योरा पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सबसे पहले बादल परिवार ने जीएसटी और वैट में 75 फीसदी की छूट अगले 10 साल के लिए हासिल की। इस तरह दोनों मदों में कुल राशि 85 करोड़ 84.50 लाख बनती है। इसके बाद बादल परिवार ने बिजली ड्यूटी में भी सौ फीसदी की छूट अगले 10 साल के लिए हासिल कर ली, जोकि कुल रकम 11 करोड़ 44 लाख 60 हजार रुपये बनती है। यही नहीं, इतने बड़े होटल पर लागू होने वाले लग्जरी टैक्स और वार्षिक टैक्स भी अगले 10 साल यानी 2025 तक इतनी ही रकम माफ करवा ली गई। उन्होंने कहा कि बादल परिवार ने इस तरह कुल 108 करोड़ 73 लाख 70 हजार रुपये जनता के पैसों से माफ करवा लिए।
बादल परिवार के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सत्ता में रहते हुए बादल परिवार ने अपने किन अधिकारों का दुरुपयोग करके सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया, इसकी जांच की जा रही है। सुख विलास के मामले में भी जमीन की खरीद से सीएलयू, वन विभाग से गलत तरीके से हासिल की गईं मंजूरियों और गलत रिकॉर्ड दिखाकर माफ कराए गए टैक्सों की जांच भी शुरु की गई है। मान ने कहा कि इस पूरे मामले को एजी पंजाब के साथ विचार-विमर्श किया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में कार्रवाई की जाएगी लेकिन थोड़ा इंतजार करें। पक्के पांव ही हाथ डाला जाएगा।