उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक में एक बार फिर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के समक्ष चंडीगढ़ प्रशासन में पंजाब और हरियाणा से डेपुटेशन पर आने वाले अफसरों की तैनाती को लेकर मामला उठा।
परिषद की बैठक में चंडीगढ़ प्रशासन ने 27 एजेंडा पेश किये। इनमें से 13 एजेंडा पर प्रमुखता से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष चंडीगढ़ प्रशासन ने अपना पक्ष रखा। इन विषयों में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों से संबंधित मामलों की त्वरित जांच व निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली ईआरएसएस-112 का प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामीण एवं डाक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार और वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के अनुपालन जैसे मुद्दे शामिल थे। इसके अतिरिक्त शहरी नियोजन, विद्युत क्षेत्र की चुनौतियां, खाद्य सुरक्षा, बालिकाओं में कुपोषण, आयुष्मान भारत–पीएमजेएवाई, विद्यालय ड्रॉपआउट दर में कमीद और सहकार–से–समृद्धि पहल जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई और इनके समाधान हेतु ठोस कार्ययोजना पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने बताया कि चंडीगढ़ सुशासन का एक मॉडल बनकर उभर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ तीनों नए आपराधिक कानूनों को पूर्ण रूप से लागू करने वाला पहला केंद्रशासित प्रदेश है और इस नई व्यवस्था के तहत 91 प्रतिशत अपराधों में सजा हुई हैं। प्रशासक ने यह भी रेखांकित किया कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रचेष्टा-1 श्रेणी में चंडीगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता घोषित किया गया है। खेल क्षेत्र में भी प्रशासन द्वारा पदक विजेता खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपये तक की सम्मान राशि तथा दिव्यांग खिलाड़ियों को विशेष सहायता प्रदान की जा रही है। चंडीगढ़ का वन क्षेत्र 47 से बढ़कर 51.4 प्रतिशत हो गया है।