मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नया फैसला करते हुए सरकारी दफ्तरों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक कर दिया। इससे 10,500 मेगावाट बिजली की बचत हुई और सरकारी कार्यालयों का 17 करोड़ रुपये का बिजली बिल कम हुआ। लोगों को इससे काफी सुविधा हुई है। कर्मचारियों को भी यह पसंद आया है। इस पर आगे भी विचार करेंगे। साढ़े 12 हजार कच्चे अध्यापकों को पक्का किया है।
इससे पहले मान ने अपने संबोधन की शुरुआत में शहीदों को याद किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की दो प्रतिशत आबादी है लेकिन इसने 90 प्रतिशत कुर्बानी दी है। पंजाब के हर गांव में आपको शहीदों के बुत और गेट मिलेंगे। शहीद भगत सिंह जब अंग्रेजों से लड़ रहे थे तो वे आजादी के लिए आश्वस्त थे। उन्हें बस इस बात की चिंता थी कि देश किसके हाथ में जाएगा। मान ने कहा कि 75 साल हो गए अब भी देश में कई समस्याएं हैं। आज भी हमारे युवा अपनी जमीन बेच कर फिर अंग्रेजों के देश में जा रहे हैं। हमारे पास शहीदों का विजन है। हम उसी पर काम कर रहे हैं। बहुत कुछ किया है और बहुत कुछ करना बाकी है।
राज्य सरकारों को कमजोर कर रहा केंद्र
दिल्ली सेवा बिल को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मान ने कहा- यह लोकतंत्र बचाने का सवाल है। यह सिर्फ दिल्ली का बिल नहीं है। केंद्र सरकार पहले भी कई बार ऐसा कर चुकी है। केंद्र राज्य सरकारों को लगातार कमजोर करने में लगा है। मान ने कहा कि दिल्ली बिल पर लोकसभा में गृह मंत्री ने कहा है कि दिल्ली विधानसभा नहीं है, तो मैं उनसे यह पूछना चाहता हूं कि वह पहले वहां पर्ची क्यों बांट रहे थे। पीएम को देश के बारे में सोचना चाहिए। उन्हें खुद रिवर्स इमिग्रेशन की जरूरत है। वह ज्यादातर बाहर रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस बिल के कानून बनने के बाद दिल्ली का चपरासी भी बदलना हो तो पीएम से परमिशन लेनी होगी। यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी नहीं मानते।
विपक्ष के चेहरे पर बोले- 140 करोड़ लोग हैं चेहरा
सीएम भगवंत मान ने पीएम मोदी के सामने विपक्ष के चेहरे के सवाल पर कहा कि देश के 140 करोड़ लोग ही चेहरा हैं। केंद्र सरकार उसके खिलाफ बोलने वाले लोगों को परेशान कर रही है। कोई अगर कुछ बोलता है तो उसे जेल में डाल दिया जाता है। चेहरा तो लोग चुनेंगे। मान ने कहा कि ऐसा नहीं है कि विपक्ष के पास चेहरा नहीं है लेकिन भाजपा के जीतने पर पूरा दिन खबरें चलती हैं, मगर हमारी जीत पर जिक्र नहीं होता। जीत गए तो मोदी का जादू, हार गए तो लोकल नेता जिम्मेदार। केंद्र सरकार अपना कोई वादा पूरा नहीं कर पाई। मान ने लोगों से पूछा कि क्या आपके खाते में 15 लाख रुपये आ गए? दो करोड़ लोगों को रोजगार भी नहीं मिला। किसानों की आय भी दोगुनी नहीं हुई।
कॉमेडियन के बोलने पर रोक
भगवंत मान ने पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जब कॉमेडियन मंच पर जाता है तो उसे एक लिस्ट थमाई जाती है, जिसमें कुछ शब्दों को प्रतिबंधित कर दिया जाता है। इनमें मोदी, एनडीए और 15 लाख जैसे शब्द बैन हैं। 14 या 16 लाख बोल सकते हैं लेकिन 15 नहीं। उनकी इस बात से सभागार में सबने ठहाका लगाया।
मां के रिश्ते का कोई मोल नहीं
संवाद के दौरान मां को लेकर पूछे गए सवाल पर भगवंत मान भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मां ही एक ऐसा रिश्ता है, जिसमें केवल एक अक्षर है, लेकिन इस रिश्ते का कोई मोल नहीं। बकौल मान-किसी रिपोर्टर ने मेरी मां से पूछा कि मान आपसे कई दिनों तक नहीं मिल पाते, क्या आपको बुरा नहीं लगता। इस पर मां बोलीं- मुझसे नहीं मिलता, लेकिन दूसरी मांओं से तो मिलता है। इसी में मेरी खुशी है। उन्होंने मशहूर कवि पद्मश्री सुरजीत पातर का शेर पढ़ा- ‘जे आई पतझड़ ते फेर की है, तू अगली रुत च यकीन रखीं’, ‘मैं लभ के कितों लै आऊं कलमां, तू फुल्लां जोगी जमीन रखीं।’