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Samvad: सीएम भगवंत मान बोले- डेढ़ साल में बदला पंजाब का माहौल, नए उद्योग लग रहे, पक्की नौकरियां मिल रहीं

Tue, 08 Aug 2023 02:08 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अमर उजाला संवाद पंजाब के मंच पर सीएम भगवंत मान अपने चिर परिचित अंदाज में दिखे। उन्होंने कई गंभीर सवालों का चुटीले अंदाज में जवाब दिया। मान ने कहा कि एक समय था जब देश के नेता ईमानदार थे, कोई घटना होने पर इस्तीफा दे देते थे। पहले लोग टिकट उस इलाके से मांगते थे, जहां लोग उन्हें जानते थे मगर अब नेता उस इलाके से टिकट मांगते हैं, जहां उन्हें कोई नहीं जानता हो। 
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अमर उजाला संवाद पंजाब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद उनके डेढ़ साल के कार्यकाल में पंजाब का माहौल बदला है। यहां नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। युवाओं को पक्की सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। अब तक 30 हजार सरकारी नौकरियां दी चुकी हैं। अब सरकार फोकस प्रतिभा का पलायन रोकने पर है। अब तक के प्रयासों से इसमें सफलता भी मिली है। 2016 से 2021 तक सरकार कहती थी कि खजाना खाली है। इससे युवा हताश हुए लेकिन अब हमने पंजाब में जॉब शुरू कर दी है। अब हमने रिवर्स माइग्रेशन शुरू करवाया है। युवा विदेश से लौट रहे हैं।

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भगवंत मान सोमवार को चंडीगढ़ स्थित होटल हयात रीजेंसी में अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद-पंजाब कार्यक्रम के विशेष सत्र में बोल रहे थे। लगभग एक घंटे के 'राइजिंग पंजाब' सत्र में मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों, चुनौतियों और रणनीति पर खुलकर बात की। उन्होंने डेढ़ साल में आए बदलावों पर बात करने के साथ-साथ भविष्य का रोडमैप भी बताया। 

उन्होंने कहा कि हमने पंजाब में उद्योग लगाने की राह आसान की। पहले उद्योगपतियों को इंडस्ट्री लगाने के लिए सीएलयू (सर्टिफिकेट ऑफ लैंड यूज) हासिल करने में दो साल तक का समय लग जाता था। हमने ग्रीन स्टांप पेपर जारी किया है। अब सरकार ने ये सारी औपचारिकताएं खत्म कर इन्वेस्ट पंजाब के दफ्तर में ही तहसीलदार की तैनाती कर दी है, जहां एक ही विंडो पर सभी तरह की मंजूरी 15 दिन के भीतर मिल रही हैं। सोलहवें दिन जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद उद्योगपति सत्रहवें दिन भूमि पूजन कर उद्योग लगा सकते हैं। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नया फैसला करते हुए सरकारी दफ्तरों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक कर दिया। इससे 10,500 मेगावाट बिजली की बचत हुई और सरकारी कार्यालयों का 17 करोड़ रुपये का बिजली बिल कम हुआ। लोगों को इससे काफी सुविधा हुई है। कर्मचारियों को भी यह पसंद आया है। इस पर आगे भी विचार करेंगे। साढ़े 12 हजार कच्चे अध्यापकों को पक्का किया है। 

इससे पहले मान ने अपने संबोधन की शुरुआत में शहीदों को याद किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की दो प्रतिशत आबादी है लेकिन इसने 90 प्रतिशत कुर्बानी दी है। पंजाब के हर गांव में आपको शहीदों के बुत और गेट मिलेंगे। शहीद भगत सिंह जब अंग्रेजों से लड़ रहे थे तो वे आजादी के लिए आश्वस्त थे। उन्हें बस इस बात की चिंता थी कि देश किसके हाथ में जाएगा। मान ने कहा कि 75 साल हो गए अब भी देश में कई समस्याएं हैं। आज भी हमारे युवा अपनी जमीन बेच कर फिर अंग्रेजों के देश में जा रहे हैं। हमारे पास शहीदों का विजन है। हम उसी पर काम कर रहे हैं। बहुत कुछ किया है और बहुत कुछ करना बाकी है। 

राज्य सरकारों को कमजोर कर रहा केंद्र

दिल्ली सेवा बिल को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मान ने कहा- यह लोकतंत्र बचाने का सवाल है। यह सिर्फ दिल्ली का बिल नहीं है। केंद्र सरकार पहले भी कई बार ऐसा कर चुकी है। केंद्र राज्य सरकारों को लगातार कमजोर करने में लगा है। मान ने कहा कि दिल्ली बिल पर लोकसभा में गृह मंत्री ने कहा है कि दिल्ली विधानसभा नहीं है, तो मैं उनसे यह पूछना चाहता हूं कि वह पहले वहां पर्ची क्यों बांट रहे थे। पीएम को देश के बारे में सोचना चाहिए। उन्हें खुद रिवर्स इमिग्रेशन की जरूरत है। वह ज्यादातर बाहर रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस बिल के कानून बनने के बाद दिल्ली का चपरासी भी बदलना हो तो पीएम से परमिशन लेनी होगी। यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी नहीं मानते। 
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विपक्ष के चेहरे पर बोले- 140 करोड़ लोग हैं चेहरा

सीएम भगवंत मान ने पीएम मोदी के सामने विपक्ष के चेहरे के सवाल पर कहा कि देश के 140 करोड़ लोग ही चेहरा हैं। केंद्र सरकार उसके खिलाफ बोलने वाले लोगों को परेशान कर रही है। कोई अगर कुछ बोलता है तो उसे जेल में डाल दिया जाता है। चेहरा तो लोग चुनेंगे। मान ने कहा कि ऐसा नहीं है कि विपक्ष के पास चेहरा नहीं है लेकिन भाजपा के जीतने पर पूरा दिन खबरें चलती हैं, मगर हमारी जीत पर जिक्र नहीं होता। जीत गए तो मोदी का जादू, हार गए तो लोकल नेता जिम्मेदार। केंद्र सरकार अपना कोई वादा पूरा नहीं कर पाई। मान ने लोगों से पूछा कि क्या आपके खाते में 15 लाख रुपये आ गए? दो करोड़ लोगों को रोजगार भी नहीं मिला। किसानों की आय भी दोगुनी नहीं हुई।

कॉमेडियन के बोलने पर रोक

भगवंत मान ने पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जब कॉमेडियन मंच पर जाता है तो उसे एक लिस्ट थमाई जाती है, जिसमें कुछ शब्दों को प्रतिबंधित कर दिया जाता है। इनमें मोदी, एनडीए और 15 लाख जैसे शब्द बैन हैं। 14 या 16 लाख बोल सकते हैं लेकिन 15 नहीं। उनकी इस बात से सभागार में सबने ठहाका लगाया।

मां के रिश्ते का कोई मोल नहीं

संवाद के दौरान मां को लेकर पूछे गए सवाल पर भगवंत मान भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मां ही एक ऐसा रिश्ता है, जिसमें केवल एक अक्षर है, लेकिन इस रिश्ते का कोई मोल नहीं। बकौल मान-किसी रिपोर्टर ने मेरी मां से पूछा कि मान आपसे कई दिनों तक नहीं मिल पाते, क्या आपको बुरा नहीं लगता। इस पर मां बोलीं- मुझसे नहीं मिलता, लेकिन दूसरी मांओं से तो मिलता है। इसी में मेरी खुशी है। उन्होंने मशहूर कवि पद्मश्री सुरजीत पातर का शेर पढ़ा- ‘जे आई पतझड़ ते फेर की है, तू अगली रुत च यकीन रखीं’, ‘मैं लभ के कितों लै आऊं कलमां, तू फुल्लां जोगी जमीन रखीं।’
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