पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल
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स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने पहुंचे सीएम बादल को सिरोपा देने से इनकार करना अरदासिए ग्रंथी को पड़ा महंगा। दरअसल स्वर्ण मंदिर में शुक्रवार को माथा टेकने पहुंचे मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को अरदास कर रहे ग्रंथी बलबीर सिंह ने सिरोपा देने से इनकार कर दिया। अधिकारियों ने बलबीर सिंह पर सिरोपा देने का दबाव डाला लेकिन वह नहीं माने। इस पर एसजीपीसी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अरदासिए का तबादला माछीवाड़ा के एक गुरुद्वारे में कर दिया।
बलबीर इससे पहले डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को भी सिरोपा भेंट करने से इनकार कर चुके हैं। दरअसल, शुक्रवार को सीएम बादल ने स्वर्ण मंदिर माथा टेका और फिर सिरोपा के लिए कुछ समय इंतजार किया लेकिन उन्हें सिरोपा भेंट नहीं किया गया। यह देख सीएम के साथ मौजूद एसजीपीसी अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने अरदासिए बलबीर सिंह पर सिरोपा देने का दबाव बनाया लेकिन वह नहीं माने।
इस पर सीएम केवल प्रसाद लेकर लौट गए। इस पर नाराज एसजीपीसी ने तत्काल मामले की जांच के आदेश देते हुए अरदासिए बलबीर सिंह का तबादला माछीवाड़ा के एक गुरुद्वारा साहिब में कर दिया।
पहले भी हुआ है ऐसा
यह पहली बार नहीं है जब किसी अरदासिए ने सिरोपा देने से इनकार किया हो। इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, पंजाब कांग्रेस प्रमुख कैप्टन अमरिंदर सिंह और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को भी सिरोपा नहीं दिया गया था।
बलबीर सिंह ने बताया कि बादल सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की। मैं इससे खासा निराश हूं। मैंने जो भी किया वह गुरु साहिब का हुक्स समझ किया।
अवतार सिंह मक्कड़, एसजीपीसी प्रमुख ने कहा कि ड्यूटी में कोताही बरतने के चलते अरदासिए बलबीर सिंह का तबादला कर दिया गया है। इस पूरे मामले की जांच भी की जाएगी।