विधानसभा हलका बस्सी पठाना की अनाज मंडी में सोमवार दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के संगत दर्शन से पहले जिला पुलिस प्रशासन के हाथ पैर उस समय फूल गए जब उनको पता चला कि संगत दर्शन से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित पानी की टंकी पर महिला और पुरुष अध्यापक मांगों को लेकर मोर्चा संभाले हैं।
ये महिला और पुरुष अध्यापक कब पानी की टंकी पर चढ़े इसकी न तो पुलिस की खुफिया टीम को पता चला न ही रैली के पहले जायजा लेने वालों को। पानी के टंकी के नीचे शहीद किरनजीत कौर एक्शन कमेटी पंजाब के बैनर तले 50 के करीब अध्यापकों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। टंकी पर चढ़े दो अध्यापकों की पहचान सरबजीत कौर मोहाली और सिमरजीत सिंह मानसा के रूप में हुई है। इनके पास पेट्रोल से भरी बोतल और जहर पाया गया है।
दो पुलिस अधिकारी सस्पेंड-एसएसपी
एसएसपी हरचरन सिंह भुल्लर ने कहा कि सीएम सुरक्षा मामले में दाना मंडी में ड्यूटी दे रहे पुलिस मुलाजिमों से सुरक्षा में चूक जरूर हुई है। ड्यूटी पर तैनात दो पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके सस्पेंशन आर्डर जारी कर दिए जाएंगे।
यह हैं अध्यापकों की मांगें
यह हैं अध्यापकों की मांगें
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री से मिला आश्वासन
कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर एक बजे एसपीडी दलजीत सिंह राणा, बस्सी थाना प्रभारी हरी चंद ने यूनियन सदस्यों को मुख्यमंत्री से मिलवाने का आश्वासन देकर उनको पानी की टंकी से नीचे उतारा। संगत दर्शन में टंकी पर चढ़े दोनों अध्यापकों के साथ यूनियन के दो अन्य अध्यापकों को मुख्यमंत्री से मिलवाया गया। मुख्यमंत्री ने अध्यापकों को आश्वासन दिया कि उनकी जो जायज मांग है उसे पूरा किया जाएगा।
यह हैं अध्यापकों की मांगें
ईजीएस,एआईए, एसटीआर अध्यापक यूनियन के प्रवक्ता दर्शन सिंह, कुलदीप कौर और दलजीत कौर ने कहा कि सरकार ने उनको वर्ष 2001 में प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक रखा था और सरकार ने वर्ष 2003 में उन्हें ईटीटी का कोर्स करने को कहा। कोर्स के बाद 13 वर्ष बीत गए उन्हें पक्का नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि तड़के डेढ़ बजे के आसपास दोनों अध्यापक पानी की टंकी पर चढ़ गए थे जिसकी खबर किसी को नहीं लगी।
रोष धरने में उनकी मुख्य मांगे ईटीटी का कोर्स करने के बाद ईटीटी की सरकारी प्राईमरी स्कूल पोस्ट को पक्का करने, ठेके पर काम करने वाले अध्यापकों को नियमित करने, सात महीनों से पेंडिंग तनखाह तुरंत जारी करने, पांच हजार के मासिक भत्ते को बढ़ाकर सरकारी अध्यापकों के बराबर वेतन देने की हैं।