उन्होंने कहा कि समूचे सिख समुदाय के साथ-साथ श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं में गहरा विश्वास रखने वालों की इच्छाओं के मद्देनजर पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम किया और पाकिस्तानी निजाम और एजेंसियों की तरफ से पेश खतरों के मद्देनजर भारत-पाक सरहद को खोलने के लिए सख्त सुरक्षा चिंताएं और बुनियादी ढांचा चुनौतियों को सफलतापूर्वक हल किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार, भारत सरकार को यह यकीन दिलाने में सफल रही है कि सुरक्षा चिंताओं और चुनौतियों से निपट लिया जाएगा।
पाक से सुरक्षा चुनौतियों पर भारत आंखें नहीं मूंद सकता: कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि पाकिस्तान की चुनौतियों की घातक और खतरनाक हकीकत से आंखें बंद कर लेने का रास्ता चुनने वाले बादल ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि उन्हें पंजाब के लोगों के कल्याण की कोई चिंता नहीं है बल्कि उनका सरोकार सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक लाभ कमाना है। जिसे वह कॉरिडोर मामले में ऐसा कर रहे हैं। इसलिए बादल की पार्टी अपने सिर श्रेय लेने की अनुचित ढंग से कोशिश भी कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में नतमस्तक होना उनका सपना है, लेकिन आईएसआई की अनुचित गतिविधियों और दहशतगर्दी से वह आंखें बंद नहीं कर सकते और न ही वह पाकिस्तानी फौज की ओर से भारतीय सैनिकों को शहीद करने की घटनाएं वह अनदेखा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि एक बुजुर्ग नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते क्या बादल को भारत और सरहदी सूबे पंजाब को पाकिस्तान की तरफ से पैदा किये जा रहे खतरों की सराहना करनी बनती है? मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फौज के प्रमुख नवंबर, 2019 में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से पहले करतारपुर कॉरिडोर खोलने संबंधी अपने वादे को पूरा करेंगे।