एमजीएसवीवाई की महत्ता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्कीम का मकसद राज्य में समाज के शोषित और सुविधाओं से वंचित वर्गों तक पहुंच कर विकास को यकीनी बनाना है। सामाजिक और आर्थिक विकास की सभी स्कीमों का लाभ गरीब से गरीब तक पहुंचे यही गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इन कैंपों में यह फायदा हुआ लोगों को
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने एक नोडल विभाग के तौर पर राज्य के सभी 22 जिलों में मेगा कैंप आयोजित किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्कीम को शुरू करने का एक मात्र उद्देश्य यह यकीनी बनाना है कि सूबा सरकार की गरीब समर्थकी पहलकदमियों का लाभ सिर्फ समाज के वंचित वर्गों और हकदार लोगों को ही पहुँचे।
मुख्यमंत्री की हाजिऱी में पराली के अवशेष को प्रभावी तरीकों से प्रयोग करने के लिए 15 करोड़ रुपए की लागत से लगने वाले एक प्रोजेक्ट के लिए इन्वैस्टमैंट पंजाब और महेन्द्रा वेस्ट -टू -एनर्जी सल्यूशंस लि. के बीच एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी किए गए। महेन्द्रा एंड महेन्द्रा की तरफ से पंजाब में बड़े स्तर पर शोध करने के बाद इस पायलट बायो -मैराथन प्रोजेक्ट को लगाने का फ़ैसला किया गया।
हर साल पराली/गेहूँ के अवशेष के 10 हजार टन की प्रोसेसिंग के द्वारा राज्य सरकार की मदद करने के लिए भी उत्सुकता जाहिर की है। इस पहलकदमी से 50-75 व्यक्तियों के लिए सीधा रोजग़ार पैदा होने और प्लांट के आस-पास के तकरीबन 1000 किसानों की सहायता होने की उम्मीद है।