निरीक्षण के लिए पहुंची केंद्रीय टीम
करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे मसौदे संबंधी मीडिया रिपोर्टों का जिक्र करते मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने श्रद्धालुओं की संख्या पाकिस्तान द्वारा तय करने की शर्त पर भी सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एक ग्रुप में 15 व्यक्तियों को सीमित करना वाजिब नहीं है और श्रद्धालुओं को व्यक्तिगत तौर पर जाने की अनुमति होनी चाहिए।
एक दिन में 500 श्रद्धालुओं के जाने संबंधी बंदिश नहीं होनी चाहिए। खासतौर पर उस समय जब नवंबर 2019 में श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व मनाया जाना है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट जरूरी होने के क्लॉज संबंधी रिपोर्ट पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि पंजाब में अधिकतर ग्रामीण जनसंख्या के पास पासपोर्ट नहीं है। ऐसे फैसले से वह पवित्र स्थान के दर्शनों से वंचित रह जाएंगे।
केंद्रीय टीम बुधवार को डेरा बाबा नानक में भारत-पाक सीमा पर पहुंची। टीम ने सीमा पर डेरा बाबा नानक की तरफ से श्री करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जायजा लिया। केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई टीम करीब दो घंटे तक सीमा पर रुकी और प्रशासनिक अधिकारियों से बैठक की।
वहीं टीम के पहुंचने का पता लगने पर चार गांव के किसान भी वहां पहुंच गए, जिनकी जमीन सरकार ने अधिग्रहण करनी है। टीम के अधिकारियों से किसानों की बातचीत न होने से किसानों में रोष नजर आया।
लैंड पुट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन अनिल भाम ने कहा कि कॉरिडोर निर्माण के लिए जमीन की पहचान करने के बाद अधिग्रहण किया जाएगा। कॉरिडोर निर्माण जल्द शुरू होगा और जल्द ही पूरा भी कर लिया जाएगा। उनका कहना है कि अभी निश्चित नहीं हुआ कि उनको कितनी जमीन चाहिए, इसको लेकर अभी सर्वे किया जा रहा है।
जब पूछा गया कि जमीन के मूल्यों को लेकर क्षेत्र के किसान चिंतित हैं तो चेयरमैन अनिल भाम ने कहा कि किसानों को मुआवजा राज्य सरकार की पालिसी के मुताबिक ही मिलेगा।
उन्होंने कहा का कॉरिडोर बनने से सबसे ज्यादा इन किसानों को ही फायदा होगा। जब उनसे पूछा गया कि किसानों की मांग है कि सरकार उनकी जमीनों के तीन गुणा मूल्य ज्यादा दे तो उन्होंने जवाब में कहा कि इसके बारे में केवल राज्य सरकार ही बता सकती है।