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सीडी कांड: पूर्व सीपीएस फौजी की मुश्किलें बढ़ीं

Thu, 04 Dec 2014 09:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के पूर्व मुख्य संसदीय सचिव राम किशन फौजी की सरकार बदलने के साथ ही मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को सीएलयू सीडी कांड में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया।
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गौरतलब है कि सीएफएसएल भी अपनी रिपोर्ट में इस सीडी को सही बता चुकी है। सरकार ने सीएफएसएल और लोकायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए।

हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान लोकायुक्त ने फौजी के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ था।

मुख्यमंत्री ने मामला विजिलेंस भेजा

मुख्यमंत्री ने यह मामला राज्य विजिलेंस ब्यूरो को भी भेजने के आदेश दिए हैं। क्योंकि लोकायुक्त के सुझावों में कहा गया था कि राज्य विजिलेंस ब्यूरो के निदेशक इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपे।

इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने बीते साल सितंबर में स्टिंग आपरेशन की सीडी के साथ शिकायत लोकायुक्त को दी थी। सीडी में फौजी को गुड़गांव की एक जमीन में एक सीएलयू के नाम पर पांच करोड़ रुपये मांगते हुए दिखाया गया है।

राज्यपाल को भी की गई थी शिकायत
इनेलो ने सीडी की एक कॉपी राज्यपाल को देकर फौजी के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने और इसकी जांच कराने की मांग की थी। तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सदन में ही जांच लोकायुक्त को सौंपने की घोषणा की थी।
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क्या कहा था लोकायुक्त ने अपने फैसले में

लोकायुक्त ने अपने फैसले में कहा कि स्टिंग ऑपरेशन के दौरान सीडी तैयार करने वाले लड़कों ने अपने शपथ पत्र में पूरे तथ्यों को रखा।

इनेलो प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा और वकील नरेश सिंह शेखावत ने लोकायुक्त के समक्ष पक्ष रखते हुए कहा था कि इस बात की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए कि सीडी में दिखाया गया व्यक्ति व आवाज क्या रामकिशन फौजी की ही है या उसमें कोई काटछांट की गई।

लोकायुक्त ने कहा कि सीडी और दो लोगों के शपथ पत्रों में रखे गए तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।  लोकायुक्त ने यह भी कहा कि दोनों युवकों के शपथ पत्रों की कॉपी फौजी के वकील को दिए जाने के बावजूद कोई काउंटर शपथ पत्र नहीं दिया गया।
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