भाजपा सरकार राजनीतिक दुर्भावना से काम कर रही है। सीएलयू मामले में भी सरकार ने राजनीति से प्रेरित होकर मामले दर्ज करवाए हैं। इस मामले में वह हर जांच के लिए तैयार हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सोमवार को सफीदों में आर्य सदन में आयोजित कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अपने दस साल के शासन में उन्होंने कभी भी राजनीतिक दुर्भावना से काम नहीं किया है। सीएलयू मामले में जिन पूर्व विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, वे सब के सब जांच में निर्दोष साबित होंगे। इस दौरान सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी उनके साथ मौजूद थे।
7 को पानीपत में खोलेंगे तेल के खेल का कच्चा चिट्ठा
उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार जनता की जेब पर डाका डाल रही है। कांग्रेस सरकार में कच्चे तेल का भाव 140 डालर प्रति बैरल था, लेकिन आज 55 डालर प्रति बैरल है। इसके बाद भी पेट्रोल व डीजल के भाव पुराने वाले बरकरार हैं। केंद्र सरकार अभी तक पेट्रोल व डीजल के रेट के खेल में एक लाख 90 हजार करोड़ रुपये कमा चुकी है।
हरियाणा सरकार भी मोटी कमाई कर चुकी है। हरियाणा में अन्य राज्यों के मुकाबले में पेट्रोल व डीजल के भाव सबसे महंगे हैं। उन्होंने बताया कि वे इस तेल के खेल का कच्चा चिट्ठा आगामी सात फरवरी को पानीपत में खोलेंगे। इसी दिन पानीपत में बिजली के बढ़ी दरों व पेट्रोल व डीजल के दामों पर प्रदर्शन किया जाएगा।
जमीन ही नहीं होगी तो उद्योग आसमान पर लगेंगे
धान घोटाले पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि सरकार पहले तो किसानों की धान को औने-पौने भावों पर खरीदा और उसके बाद मिलरों के माध्यम से 1509 धान के चावल की बजाए साधारण धान के चावल को मिलिंग के माध्यम से लेना चाहा लेकिन जब उन्होंने इस घोटाले के बारे में आवाज उठाई तो सरकार ने अधिकारियों से दिखावे के लिए जांच करवाकर इस मामले को दबाने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में कहा था कि कांग्रेस शासन में अधिग्रहीत की गई जमीन को वे वापस किसानों को देंगे, लेकिन सरकार ने वह जमीन किसानों को आजतक वापस नहीं की है। वहीं सरकार कह रही है कि वे प्रदेश में उद्योग स्थापित करेंगे और विदेशी निवेश को हरियाणा में लाएंगे लेकिन सवाल यह है कि जब जमीन ही नहीं होगी तो उद्योग आसमान पर लगेंगे।
जाट आरक्षण पर जो फैसला लेना था हमने लिया, अब वर्तमान सरकार करे स्पष्ट
जाट आरक्षण पर भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उनकी सरकार ने जो फैसला लेना था ले लिया। अब जाटों को आरक्षण देना है या नहीं यह वर्तमान सरकार को फैसला लेना होगा। हुड्डा ने कहा कि उनकी सरकार में लगभग पूरे हुए प्रोजेक्टों का वर्तमान सरकार श्रेय ले रही है। उन्होंने वर्तमान सरकार को फीता काट सरकार करार दिया। केंद्र की मोदी सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाया गया भूमि अधिग्रहण बिल किसानों के साथ सरासर कुठाराघात है। कांग्रेस के अलावा देश के अन्य दल भी इस बिल के खिलाफ हैं। इस मौके पर पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य, प्रो. वीरेंद्र सिंह, शादीलाल बतरा, रणबीर आर्य, अशोक आर्य, अध्यक्ष राजकुमार मित्तल व महेंद्र आदि मौजूद थे।