सुपारी देकर पति की हत्या कराने के एक मामले में अदालत ने पत्नी, उसकी भाभी समेत चार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही चारों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी ठोका है। इसके अलावा अदालत ने तीन आरोपियों को बरी किया है।
मामले के अनुसार, उधम सिंह (30) निवासी बदरपुर लाडवा में ढाबा चलाता था। नौ अगस्त, 2014 को करनाल आए उधम सिंह पर अज्ञात लोगों ने तेजधार हथियार से हमला कर दिया। इससे वह लहूलुहान हो गया था और अपनी जान बचाने के लिए बलड़ी बाईपास पर एक शादी समारोह में पहुंच गया था, जहां पर लोगों ने एंबुलेंस बुलाकर उसे अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। सदर थाना पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल व जांच के बाद उधम सिंह की पत्नी संतोष उर्फ किरण निवासी वधावा, राम कॉलोनी पानीपत को ही मुख्य आरोपी पाया। आरोपी ने गिरफ्तारी के दौरान बताया कि पति के साथ अनबन रहती थी। इसलिए उसने पानीपत निवासी राहुल और जोनी व अन्य को पति की हत्या के लिए सुपारी दी थी।
वारदात के अनुसार, नौ अगस्त को राहुल व जोनी उधम सिंह को बहकाकर करनाल में कोई ढाबा दिलाने के बहाने ले आए। बलड़ी बाईपास पर तेजधार हथियार से आरोपियों ने उस पर वार किए, वह उनसे बच निकला। आरोपियों ने उसे दौड़ा दौड़ा कर पीटा और उस पर चाकू से वार किए।
आखिरकार वह बदमाशों के चंगुल से छुटकर भाग निकला और एक शादी समारोह में पहुंच गया, लेकिन खून ज्यादा निकलने के कारण अस्पताल में दम तोड़ दिया। सदर थाना पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी किरण, भाभी रानी, राहुल, जोनी, सन्नी, अभिनव चावला व गोल्डी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।
मामला अदालत में विचाराधीन था। पीड़ित पक्ष के वकील सुनील राणा ने बताया कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल सपरा की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उधम सिंह की पत्नी किरण, भाभी रानी, राहुल व जोनी निवासी पानीपत को दोषी करार देते हुए चारों को उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि सन्नी, अभिनव चावला व गोल्डी को बरी कर दिया। अदालत ने चारों दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी ठोका है।