चंडीगढ़। शहर के विभिन्न कॉलेजों व पंजाब यूनिवर्सिटी के विभिन्न कोर्सों के अगले सत्र की कक्षाएं ऑफलाइन लगेंगी। यूटी प्रशासन ने इसकी इजाजत दे दी है। हालांकि, प्रशासन ने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में एक बार फिर स्थिति की समीक्षा की जाएगाी। इसके अलावा प्रशासन ने शहर में मेला, प्रदर्शनी, शो की भी मंजूरी दे दी है। इसके लिए कुछ नियम भी तय किए गए हैं।
पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मंगलवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद आदेश में कहा गया है कि अगस्त महीने से शुरू होने वाले नए सत्र में कक्षाएं ऑफलाइन लगेंगी। हालांकि, इसके लिए संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि टीचिंग, नॉन टीचिंग और विद्यार्थियों ने वैक्सीन की कम से कम एक डोज अवश्य लगवाई हो और कॉलेज व यूनिवर्सिटी में कोरोना वायरस के निर्देशों का सख्ती से पालन हो रहा हो। वहीं, शहर में व्यवसायिक कार्यक्रम, एग्जीबिशन, शो आदि को मंजूरी देने के साथ प्रशासन ने तय किया है कि इसमें क्षमता से 50 फीसदी लोगों को बुलाया जा सकेगा। इसके लिए अधिकतम 200 लोगों की संख्या निर्धारित की गई है। बैठक में सुखना लेक पर वीकेंड में जुट रही भारी भीड़ को लेकर भी चिंता जाहिर की गई। बदनौर ने चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों को आदेश दिए कि सुखना लेक पर जो लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं, उनके साथ सख्ती से निपटा जाए और वहां पर रोजाना चालान काटने वाली टीमों को तैनात किया जाए। बदनौर ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश में हो रहे जलभराव की समस्या से जल्द निपटा जाए।
77.25 फीसदी आबादी को लगी वैक्सीन की पहली डोज
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि 77.25 प्रतिशत आबादी को पहली और 20.4 प्रतिशत आबादी को टीके की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते में टीकाकरण अभियान में तेजी लाई गई है और रोजाना करीब 8800 लोगों को टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन की 38000 डोज उपलब्ध है और इस महीने केंद्र सरकार से 46700 अतिरिक्त डोज मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि डड्डूमाजरा, धनास और किशनगढ़ में डोर-टु-डोर सर्वे व टीकाकरण अभियान का काम जारी है और करीब 3000 लोगों को इस अभियान के तहत टीका लगाया जा चुका है। इसके लिए सीटीयू की दो बसों को वैक्सीनेशन बस के रूप में तब्दील किया गया है।
पीजीआई में सभी ओपीडी को खोला गया : जगतराम
बैठक में पीजीआई के निदेशक प्रो. जगतराम ने बताया कि पीजीआई में कोरोना के 24 गंभीर मरीज भर्ती हैं। पिछले सात दिनों में कोरोना वायरस के 7808 नमूने एकत्रित किए गए, जिनकी संक्रमणता दर 0.14 फीसदी रही है। उन्होंने बताया कि पीजीआई में सभी तरह की ओपीडी को खोल दिया गया है और रोजाना 120 सर्जरी की जा रही है। पीजीआई की इमरजेंसी में 410 मरीज भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि 1000 लीटर प्रति मिनट के दो ऑक्सीजन प्लांट पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और अब उनका परीक्षण किया जा रहा है। जीएमसीएच-32 की निदेशक डॉ. जसबिंदर कौर ने बताया कि उनकी ओर से कोरोना वायरस के 6060 नमूनों की जांच की गई, जिनकी संक्रमणता दर 0.1 फीसदी है। स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि 10,314 नमूनों की जांच की गई, जिनकी संक्रमणता दर 0.2 फीसदी रही है। वहीं, रिकवरी रेट 98.6 प्रतिशत है।