दीपावली पर चंडीगढ़ की मार्केट में स्टॉल लगाने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। मेयर राजेश कालिया, पार्षद रविकांत शर्मा, शक्तिप्रकाश देवशाली, अनिल दुबे और मनोनीत पार्षद चरनजीव सिंह व्यापारी संघ के नेताओं के साथ कमिश्नर केके यादव से मिलने पहुंचे। कमिश्नर सहित पार्षदों ने मांग की कि दशहरा, करवाचौथ और दीपावली के लिए 20 दिन तक स्टॉल लगाने की अनुमति दी जाए। कमिश्नर ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए फैसले पर विचार करने को कहा है।
पहले शहर में दशहरा, करवाचौथ और दीपावली के लिए 20 दिन तक नगर निगम से पर्चियां काटकर स्टॉल लगाने की अनुमति दी जाती थी। सदन की बैठक में एजेंडा लाकर इसके लिए प्रस्ताव भी पास कराया गया था। इस अनुमति के अंतर्गत न जगह निश्चित थी और न स्टॉल लगाने वालों की संख्या। अब हाईकोर्ट की सख्ती के कारण नगर निगम के अधिकारी भी एक्टिव हो गए हैं। अवैध रूप से बैठे अतिक्रमणकारियों को हटाने के साथ ही रजिस्टर्ड वेंडर जो अतिक्रमण कर रहे हैं, उनके चालान भी काटे जा रहे हैं।
निगम के अधिकारियों का कहना है ऐसे में तो जो मेहनत की है, पूरी बेकार हो जाएगी। अनुमति मिलने के बाद वेंडर फिर जहां-तहां बैठने लगेंगे। इसके साथ ही उनकी संख्या का भी अनुमान नहीं लगाया जा सकेगा। हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि शहर को एक माह में अतिक्रमण मुक्त करना है। 20 दिन की अनुमति मिलने के बाद जब सुनवाई होगी तो उसमें हालात वही मिलेंगे, इसलिए अनुमति देना ठीक नहीं है, लेकिन फिर भी इसके लिए बैठक कर विचार किया जाएगा कि किस तरह त्योहार पर व्यापारियों केलिए व्यवस्था की जा सकती है।
पूरी बातचीत के बाद मेयर, पार्षदों और व्यापारी संघ के नेताओं ने जल्द इस बारे में विचार करने की अपील की है। इस दौरान व्यापार मंडल के जनरल सेक्रेटरी संजीव चड्डा, वाइस प्रेसिडेंट मोहिंदर सिंह, सेक्रेटरी हरजीत सिंह और सदस्य सुशील बंसल भी मौजूद रहे।
ऐसे कटती हैं पर्चियां
- 20 दिन के लिए दुकानदार कटवाते हैं पर्ची
- 2000 रुपये प्रतिदिन के अनुसार कटती है पर्ची
- 47000 रुपये जीएसटी के साथ करते हैं पेमेंट
- 07 दिन के लिए भी कुछ लोग लेते हैं अनुमति
- 2000 दुकानदार स्टॉल लगाते हैं शहर में
- 2000 वेंडर भी त्योहार पर कटवाते हैं पर्ची
हम केवल दुकानदारों के लिए स्टॉल लगाने की मांग कर रहे हैं। अन्य किसी के लिए नहीं। हाईकोर्ट का निर्देश अवैध वेंडरों को हटाना है। जल्द समस्या का समाधान होगा।
- चरनजीव सिंह, नॉमिनेटेड पार्षद
तीन साल पहले हम लोगों ने इस प्रक्रिया को शुरू कराया था। दुकानदारों ने माल खरीद लिया है। त्योहार पर दुकानदारों को काफी अच्छे मुनाफे की उम्मीद होती है। इससे तो नुकसान होगा।
- संजीव चड्ढा, जनरल सेक्रेटरी, व्यापार मंडल
हमने तीन दिन के लिए स्टॉल लगाने की मांग की है। त्योहार में जिन लोगों ने सामान खरीद लिया है, कम से कम उसे बेचने का समय तो मिलना ही चाहिए।
-सुशील बंसल, व्यापार मंडल के सदस्य
हम लोगों ने कहा है कि कुछ दिन के लिए स्टॉल लगाने दिया जाए। हम वेंडर नहीं नहीं हैं, हम लोग दुकानदार हैं। ऐसे में हाईकोर्ट का निर्देश हमारे लिए नहीं है।
- मोहिंदर सिंह, वाइस प्रेसिडेंट, व्यापार मंडल
मेयर और पार्षद केसाथ कुछ व्यापारी मिलने आए थे। 17 अक्तूबर को हाईकोर्ट में अतिक्रमण को लेकर जबाव देना है। अपनी लीगल टीम से चर्चा करने के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम