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थम नहीं रहा बीजेपी में विवाद, ‘मेयर आवास’ को लेकर कालिया और मोदगिल आमने-सामने

Thu, 24 Jan 2019 01:52 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ के नए मेयर राजेश कालिया - फोटो : indian express
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चंडीगढ़ भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी नेताओं के बीच अंदरूनी कलह रुकने का नाम नहीं ले रही है। सतीश कैंथ की बगावत और निगम चुनाव में क्रास वोटिंग के बाद अब मेयर के सरकारी आवास में प्रवेश को लेकर पूर्व मेयर देवेश मोदगिल और नए मेयर राजेश कालिया में ठन गई है। हालांकि इस विवाद की नींव उसी समय पड़ गई थी जब मेयर बनने के बादकालिया ने यह कहकर मेयर की कुर्सी पर बैठने से इंकार कर दिया था कि वह साधारण आदमी हैं और साधारण कुर्सी पर ही बैठना पसंद करते हैं। इसके बाद उनके लिए दूसरी कुर्सी लाई गई थी।
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मेयर राजेश कालिया ने वीरवार को सेक्टर-24 स्थित मेयर हाउस में प्रवेश करने का कार्यक्रम रखा है। उधर, देवेश मोदगिल ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि उनके ही पार्टी के लोग ऐसी भ्रांति फैला रहे हैं, जैसे वह सरकारी आवास खाली करना ही नहीं चाहते। उन्होंने बताया कि वह गत वर्ष 9 जनवरी को मेयर बने थे। उन्हें सरकारी आवास का कब्जा जून में दिया गया था, क्योंकि अधिकारियों ने उसकी मरम्मत में काफी समय लगाया। जब वह मेयर बने तो उस समय उस आवास की हालत उसमें रहने लायक नहीं थी।

मोदगिल ने कहा है कि उन्हें मेयर का सरकारी आवास पांच माह बाद अलॉट हुआ था, लेकिन खाली करवाने के लिए उन्हें नगर निगम कमिश्नर ने जल्दी में नोटिस भेज दिया और उन्हें 25 जनवरी तक इसे खाली करने के आदेश दे दिए। हालांकि सरकारी आवास को उन्होंने बुधवार को खाली भी कर दिया है। मोदगिल ने कहा कि मेयर राजेश कालिया ने उनसे एक बार भी इस घर को खाली करने की बात नहीं की और उनकी गैरहाजिरी में 22 जनवरी को वॉचमैन से चाबी लेकर पूरे मेयर हाउस को चेक कर लिया और 24 जनवरी का मुहूर्त भी प्रवेश के लिए रख लिया गया। कालिया खुद भाजपा के पार्षद हैं, लेकिन इस आवास के संबंध में उन्होंने उनसे कोई बात ही नहीं की।
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उन्हें अधिकृत और स्वीकृत समय से एक मिनट बाद भी इस घर को रखने में कोई दिलचस्पी नहीं है। हालांकि वे 25 जनवरी तक इस घर में रह सकते हैं, लेकिन नए मेयर ने 24 जनवरी को ही मुहूर्त रख दिया। उन्होंने बुधवार को ही घर खाली कर निगम के संबंधित अधिकारी को चाबी भी सौंप दी है। मोदगिल ने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि जिस प्रकार कालिया ने उनकी अनुपस्थिति में घर में प्रवेश किया उससे यह लगता है कि उनकी मंशा यह प्रचार करने की है कि पूर्व मेयर घर खाली ही नहीं करना चाहते। बेहतर होता कि वे घर आने के इरादे की जानकारी उन्हें देते। मोदगिल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसके बाद उन्हें जनता में बदनाम करने की हरकतें नहीं होंगी।

वहीं, दूसरी तरफ राजेश कालिया ने 24 जनवरी इस घर में प्रवेश करना है। इसके लिए वहां पत्रकार सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है। कालिया का कहना है कि वे इस अवसर पर भविष्य के रोड मैप की जानकारी भी देंगे। इस अवसर पर वे अपने समर्थकों को भोज भी देने वाले हैं। उन्हें जानकारी नहीं थी कि देवेश ने मकान खाली नहीं किया है।

देवेश 10 दिन तक सरकारी आवास में बोनस के तौर पर रहे
8 जनवरी को मेयर का कार्यकाल समाप्त हो गया। 10 दिन तक वह बोनस के तौर पर आवास में रहे। 18 जनवरी को मेयर का चुनाव हुआ। 19 जनवरी को देवेश को नियम के अनुसार मेयर हाउस को खाली कर देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने आवास खाली नहीं किया। पंडित ने सोमवार को मुहूर्त निकाला था। मेरे पीए ने कहा कि मेयर हाउस खाली नहीं है। आज शाम को पूछा तो पता चला खाली हो गया है। मैंने अपनी पत्नी और बच्चों को मेयर हाउस दिखाना था। जेई के पास चाबी थी। मैंने जाकर देखा तो वहां पर पूर्व मेयर का कोई सामान नहीं था। हां दीवारों पर पेंसिल और पेन से निशान बने थे। उसे ठीक करने में 10 दिन लग जाएंगे। देवेश मेरे साथ विवाद में क्यों रहते हैं पता नहीं।
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- राजेश कालिया, मेयर नगर निगम चंडीगढ़

 
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