जिला शिक्षा अधिकारी दफ्तर में वीरवार को महिला क्लर्क और अधिकारी भिड़ गईं। क्लर्क श्वेता ने जिला विज्ञान विशेषज्ञ (डीएसएस) सुनीता मलिक पर आरोप लगाया कि उन्होंने कई कर्मियों की मौजूदगी में उन्हें थप्पड़ जड़ दिया, क्योंकि काम में व्यस्त होने के कारण वह उनसे फोन पर बात नहीं कर सकी थीं।
थप्पड़ से उनके कान में दर्द होने लगा है। उधर, डीएसएस का आरोप है कि डीईओ के एक जरूरी काम के संबंध में फोन करने पर भी जवाब नहीं मिला। दफ्तर पहुंचने पर उनसे बदतमीजी की गई। डीएसएस का आरोप है कि श्वेता ने उन्हें प्लास्टिक की बोतल मारी, जिससे उनके कान में चोट आई।
क्लर्क श्वेता और डीएसएस सुनीता मलिक की तरफ से पुलिस को दी शिकायत में दोनों ने एक-दूसरे पर मारपीट, बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। शिकायत पुलिस, डीईओ, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और निदेशक को दी गई है। पुलिस दोनों शिकायतों की जांच कर रही है। शुक्रवार को मामले में डीईओ दफ्तर के कर्मियों से पूछताछ हो सकती है।
डिप्टी डीईओ को बुलाकर ली जानकारी: डीईओ दफ्तर में तीन वर्ष से कार्यरत श्वेता ने बताया कि डीएसएस ने किसी काम के सिलसिले में उन्हें एक सहकर्मी के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन व्यस्त होने की वजह से वह बात नहीं कर सकीं। दोपहर बाद करीब 4:15 बजे डीएसएस आईं और उन्हें थप्पड़ जड़ दिया।
श्वेता ने कहा कि थप्पड़ लगने से उनके कान में दर्द हो रहा है। घटना के बाद श्वेता के परिजनों सहित अन्य लोग भी पहुंचे। यह घटना उस वक्त हुई, जब डीईओ दफ्तर के कई अन्य कर्मी मौके पर मौजूद थे। घटना की जानकारी शिक्षा विभाग के आला अफसर टीसी गुप्ता तक भी पहुंच गई। उन्होंने मामले पर संज्ञान लेते हुए तुरंत डिप्टी डीईओ को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली।
उधर, सुनीता मलिक ने बताया कि डीईओ सावित्री सिहाग अवकाश पर थीं और उनकी ओर से सौंपे गए किसी काम के लिए उन्होंने श्वेता को फोन किया, लेकिन उन्होंने बातचीत करने से मना कर दिया। डीएसएस ने आरोप लगाया कि इस बारे में पूछा तो श्वेता ने उन पर प्लास्टिक की बोतल से वार कर दिया, जिससे उनके कान में चोटें आई हैं।
बलदेव, इंचार्ज, सेक्टर सात चौकी ने बताया कि दोनों पक्षों की तरफ से शिकायत मिली है। आरोपों की जांच की जा रही है। घटना के वक्त मौजूद अन्य कर्मियों से पूछताछ के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।