घायलों के बयान दर्ज करती पुलिस
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21वीं सदी में भी लोग किस कदर अंधविश्वास में जी रहे हैं इसकी एक बानगी भिवानी के बवानीखेड़ा कस्बे में होलीका दहन पर देखने को मिली। अंधविश्वास भी ऐसा के सुन के रोंगटे खड़े हो जाएं। लोगों के मन में घर कर चुके इस अंधविश्वास के चलते दो लोगों की जान चली गई और 7-8 लोग बुरी तरह से घायल हो गए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बताया जाता है कि 9 मार्च की रात को बवानीखेड़ा के वार्ड नंबर 13 में होलीका दहन किया गया। होलीका दहन के बाद पहलाद को निकालने पर एक ही परिवार को दो गुट आपस में भीड़ गए। ये झगड़ा इसलिए हुआ कि एक युवक ने प्रहलाद निकाला तो दूसरे युवक के परिवार के लोगों ने उसे कहा कि हमारा लड़का तुमसे उम्र में बड़ा है। इसलिए प्रहलाद उसे निकलने देना था। तभी उसकी शादी होती। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि ये झगड़ा खूनी संघर्ष में बदल गया और दो लोगों की जान चली गई जबकी 7-8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
वहीं मामले की सूचना पाकर बवानीखेड़ा थाना प्रभारी श्री भगवान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के झगड़े को शांत करवाते हुए सभी घायलों को तुरंत नागरिक अस्पताल पहुंचाया। वहीं डीएसपी हैडक्वाटर वीरेन्द्र सिंह भी नागरिक अस्पताल पहुंचे और पीड़ित लोगों की शिकायत दर्ज करवाई। डीएसपी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रहलाद निकालने को लेकर एक ही परिवार की दो औरतों में झगड़ा हुआ कि प्रहलाद तेरे नहीं मेरे बेटे ने निकालना था। इसी को लेकर झगड़ा बढ़ा और एक पक्ष के दो लोगों की मौत हो गई और 8 घायल हो गए।
वहीं, दूसरे पक्ष के भी दो लोग घायल हुए हैं। उन्होने बताया कि अजय के बयान पर दूसरे पक्ष के 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
-वीरेन्द्र सिंह (डीएसपी-हैडक्वाटर)
होलिका दहन के बाद प्रहलाद निकालने पर शादी होने के इस अंधविश्वास के चलते हुए इस खूनी संघर्ष में जहां एक पक्ष की 42 वर्षीय सुरेश नामक महिला व 25 वर्षीय मनवीर की मौत हो गई। वहीं 7-8 लोग गंभीर रूप से घायल भी हो गए।