जिन डॉक्टरों को लोग भगवान का दर्जा देते हैं, अगर ईलाज छोड़ कर वही लडाई झगड़े पर उतर आए, तो उसे आप क्या कहेंगे? जी हां ये सब कुछ हुआ है गुरदासपुर में। बब्बरी बाईपास के पास बने नए सिविल अस्पताल में शनिवार की रात 12 बजे उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब इमरजेंसी वार्ड में तैनात डाक्टरों व मरीज को इलाज के लिए लेकर आए वारिसों में किसी बात को लेकर तकरार हो गई। दोनों गुटों में तकरार हाथापाई तक पहुंच गई। इससे दोनों पक्षों के कपड़े फट गए।
एक गुट को अस्पताल के बाहर बालकनी में छिपकर अपनी जान बचानी पड़ी। इस दौरान अस्पताल में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि घटना के करीब एक घंटे बाद पुलिस पार्टी मौके पर पहुंची लेकिन अधिक समय वह वहां मूक दर्शक ही बनी रही। बहरामपुर रोड निवासी कुछ लोग अपनी बुजुर्ग महिला रोगी को लेकर सिविल अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। इलाज को लेकर रोगियों के वारिसों तथा डॉक्टर में कहासुनी हो गई। विवाद ने बाद में झगड़े का रूप धारण कर लिया। हाथापाई डाक्टर व रोगी के परिजनों के कपड़े तक फट गए।
अस्पताल में अफरा तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर सदर व सिटी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की अस्पताल में मौजूदगी के बावजूद काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा। इसके बाद पुलिस ने डाक्टरों की शिकायत पर दूसरे गुट के कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया और अपने साथ थाने ले गई।