चंडीगढ़ के वेंडरों (विक्रेताओं) की समस्याओं को सुनने के लिए नगर निगम में सिविल जज का नाम तय हो गया है। पंजाब के रिटायर्ड जज जसवीर सिंह के नाम पर सहमति बन गई है। वहीं कमेटी के दो सदस्यों के नाम तय होना बाकी है। सिविल जज को प्रति बैठक 4 हजार रुपये देने और माह में कम से कम 10 बैठक करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
नगर निगम ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ऑफ जनरल को पत्र लिखकर अपने कार्यालय में ही एक जज की नियुक्ति की मांग की थी। निगम के अधिकारियों का कहना है कि चेयरपर्सन के रूप में जज की नियुक्ति हो गई है। अब जल्द कमेटी नोटिफाई हो जाएगी। जल्द निगम में ही एक ऑफिस बनाकर कोर्ट रूम बना दिया जाएगा।
निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि वेंडर एक्ट-2014 के अनुसार शिकायतों के निवारण और फैसलों के लिए एक सेल बनाना होता है। इस सेल में एक सिविल जज और अन्य दो लोगों की नियुक्ति की जाती है। सिविल जज की नियुक्ति रजिस्ट्रार ऑफ जनरल की ओर से होती है। शेष दो सदस्य सोशल वर्कर और वकील हो सकते हैं।
इसके अलावा जिस तरह टाउन वेंडिंग कमेटी नोटिफाइड की जाती है, उसी प्रकार निगम और प्रशासन के अधिकारी दो सदस्यों की नियुक्ति कर सकते हैं। सिविल जज सेल का चेयरमैन होता है। सेल के सदस्य समस्याओं की संख्या या समस्या की गंभीरता को देखते हुए एक सप्ताह में भी मीटिंग कर सकते हैं और महीने में भी एक बार बैठकर भी समस्याओं का निराकरण कर सकते हैं। सेल के लिए निगम में एक अलग से ऑफिस होगा, जहां वेंडरों की समस्याएं सुनी जाएंगी।
लोगों की समस्याओं के लिए बेहतर विकल्प
वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने के बाद भी वेंडरों की कई समस्या सामने आ रही हैं। वेंडिंग कमेटी के अलावा वेंडरों के पास कोई विकल्प नहीं है। इसमें भी वेंडर खुद जाकर अपनी समस्या नहीं बता सकते। सेल के बनने से वेंडरों के लिए एक बेहतर विकल्प होगा, जहां लोग अपनी समस्याओं को रख सकेंगे। वहीं, कोर्ट से लेकर प्रशासन और निगम की समस्याएं भी एक ही स्थान पर सुनी जा सकेंगी। इसके लिए वेंडरों को इधर-उधर भागने की जरूरत नहीं होगी।
वेंडर एक्ट 2014 के अनुसार ये हैं तय मानक
स्ट्रीट वेंडर नियम, स्ट्रीट वेंडर की योजनाएं, टाउन वेंडिंग कमेटी का नोटिफिकेशन, स्ट्रीट वेंडर थर्ड पार्टी सर्वे, स्ट्रीट वेंडिंग जोन आवंटित करना, स्टीट वेंडर चार्टर, स्ट्रीट वेंडर और टीवीसी के लिए ऑफिस, स्टीट वेंडरों का पहचान पत्र, नए स्थान देना और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना, वेंडरों की समस्याओं के लिए सेल बनाना।