देशभर में टोल नाकों पर फास्टैग को अनिवार्य करने के बाद कई तरह के मामले सामने आ रहे हैं। इन्हीं में एक ऐसा मामला आया है, जिसमें गाड़ी घर पर खड़ी होने के बावजूद व्यक्ति के पेटीएम खाते से पैसे कट गए और मोबाइल पर मैसेज आया कि उनकी गाड़ी टोल प्लाजा से गुजरी है।
10 दिसंबर को विशाल देव गौर अपनी गाड़ी (नंबर एचआर01एपी 8122) से अंबाला से पटियाला जाने के लिए निकले। राजपुरा से पटियाला के बीच धरेड़ी जटटं टोल प्लाजा पर उन्होंने दो फास्टैग खरीदे। एक अपनी गाड़ी के लिए जबकि दूसरा अपने भाई की गाड़ी (नंबर एचआर01एएम 4718) के लिए।
उन्होंने दोनों गाड़ियों का नंबर अपने पेटीएम खाते से लिंक करा दिया। इसके बाद वह पटियाला के लिए निकल गए। हैरत की बात यह है कि उनकी गाड़ी (नंबर एचआर01एपी8122) का तो टोल टैक्स गाड़ी पर चस्पा फास्टैग से काट लिया गया लेकिन दूसरी गाड़ी जो इस टोल टैक्स से गुजरी भी नहीं, उसका भी 35 रुपये टोल टैक्स भी टोल प्लाजा पर काट लिया गया।
यह गाड़ी उस वक्त जीरकपुर में उनके घर के बाहर खड़ी थी। अब सवाल ये उठ रहा है कि नंबर एचआर01एएम4718 नंबर की गाड़ी का जो फास्टैग लिया गया क्या उसे भी टोल प्लाजा पर बिना गाड़ी के ही स्कैन कर लिया गया। इस मामले पर न तो टोल प्लाजा, न ही कोई अन्य अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार हैं।
‘नितिन गडकरी से करूंगा शिकायत’
विशाल देव गौर का कहना है कि यह तो सरेआम लूट है। बिना मतलब के पेटीएम से 35 रुपये काट लिए गए जबकि वहां से गाड़ी नंबर एचआर01एएम4718 गुजरी ही नहीं। उन्होंने इसकी शिकायत केंद्रीय रोड ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी को भेजने की बात कही है। विशाल देव का कहना है कि जब गाड़ी टोल से गुजरी ही नहीं तो पैसा क्यों काटा गया।