पठानकोट में नगर सुधार ट्रस्ट ने शुक्रवार को सैली रोड स्थित नवचेतन अस्पताल के अतिक्रमण को हटा दिया। बता दें कि नवचेतन अस्पताल पूर्व कैबिनेट मंत्री मास्टर मोहन लाल के बेटे डॉ. पुनीत शर्मा का है। उन्हें दो महीने पहले नगर सुधार ट्रस्ट ने नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने को कहा था। शुक्रवार सुबह एसडीओ अमृतपाल सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने अतिक्रमण को गिरा दिया।
वहीं, अस्पताल मालिक डॉ. पुनीत शर्मा का कहना है कि इस कार्रवाई में उन्होंने ट्रस्ट की टीम को पूर्ण सहयोग दिया। इसके बाद टीम सर्कुलर रोड स्थित जोगी बंगला स्कीम में अवैध कब्जा हटाने गई जहां एक परिवार ने टीम का जमकर विरोध जताया और जमीन की मलकियत होने का सबूत दिया। इसके बाद ट्रस्ट की टीम बैरंग लौट आई।
एसडीओ अमृतपाल सिंह का कहना है कि लगभग दो माह पहले सैली रोड पर अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाई थी। इस दौरान नवचेतन अस्पताल के अतिक्रमण को हटाने गए तो अस्पताल मालिक ने समय मांगा था। दो माह के समय में डॉ. पुनीत ने 80 फीसदी अतिक्रमण को खुद हटा लिया था लेकिन अभी भी सरकारी भूमि पर ढांचे बने थे। इन्हें शुक्रवार को हटाया गया। उन्होंने कहा कि अभी भी कुछ हिस्से पर ढांचा बना है। अस्पताल मालिक ने आश्वासन दिया है कि वह इसे जल्द ही हटा देंगे।
डॉ. पुनीत का कहना है कि अतिक्रमण नहीं किया गया था। बल्कि, एक ढांचा बनाकर तीमारदारों के बैठने की जगह बनाई थी। ट्रस्ट के आपत्ति जताने के बाद उसे हटा लिया गया है, जो बचा था उसे ट्रस्ट ने खुद हटा दिया। उन्होंने ट्रस्ट की कार्रवाई में पूरा सहयोग किया है।
जोगी बंगला स्कीम में ट्रस्ट टीम का हुआ विरोध
अस्पताल के अतिक्रमण को हटाने के बाद टीम एसडीओ अमृतपाल सिंह के नेतृत्व में जेसीबी ऑपरेटर ने जोगी बंगला स्कीम में अवैध कब्जे का आरोप लगाकर खुदाई शुरू कर दी। बात का पता चलते ही परिवार मौके पर पहुंचा और काम रुकवा दिया। इस दौरान एसडीओ व परिवार की महिलाओं में बहस हुई। परिवार ने कहा कि नगर सुधार ट्रस्ट उनके साध धक्केशाही कर रहा है। जगह की निशानदेही और जमाबंदी के अनुसार जमीन उनकी है।
हमने केवल आदेश का पालन किया है: एसडीओ
नगर सुधार ट्रस्ट के एसडीओ अमृतपाल सिंह ने कहा जोगी बंगला स्कीम के तहत उक्त परिवार की जो जमीन आई है उसके बदले में उन्हें दूसरे स्थान पर जमीन दी हुई है। शहर के कारोबारी एसपी गुप्ता ने डीसी को शिकायत की थी कि रास्ते पर परिवार ने कब्जा किया है जिसे छुड़वाया जाए। वह डीसी के आदेश का पालन करने गए थे। रास्ते की दोबारा निशानदेही करवाई जाएगी। जो जगह उनकी बनती होगी उन्हें दी जाएगी और जो ट्रस्ट की होगी उस पर ट्रस्ट कब्जा लेगा।