स्लोवेनिया के एंबेसडर जोजेफ ड्रोफेनिक कहते हैं कि भारतीयों को स्लोवेनिया में निवेश करना चाहिए। ये बिजनेस के लिए आदर्श जगह है। ड्रोफेनिक और ट्रेड एंड इकोनोमिक अफेयर्स की फर्स्ट काउंसलर माजा सेगोटा ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित राउंड टेबल कान्फ्रेंस में हिस्सा लिया। ड्रोफेनिक कहते हैं कि स्लोवेनिया भारत की कंपनियों के निवेश के लिए एक आदर्श जगह है।
उन्होंने भारत के उद्योगों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उद्योग स्लोवेनिया में अपना व्यापार स्थापित करने वाली, निवेश करने वाली तथा पार्टनरशिप से व्यापार आरंभ करने वाली कंपनियों को पूरा सहयोग देंगे। स्लोवेनिया भारतीय कंपनियों के निवेश के लिए सबसे उत्तर स्थान है, क्योंकि वहां ढांचागत सुविधाएं, शिक्षित कर्मी, अनुकूल परिस्थितियां तथा वेस्टर्न यूरोप में अच्छा रणनीतिक स्थान है।
उन्होंने कहा कि स्लोवेनिया में कई छोटी तथा मध्यम स्तर की कंपनियां है। इनमें उच्च तकनीक और कुशल कारीगर कार्यरत है। स्लोवेनिया ने भारतीय वायुसेना के साथ 100 हाईऐंड जहाजों के लिए करार किया है, जिससे एक बार तेल भर कर ज्यादा से ज्यादा दूरी तक उड़ान भरी जा सके। साथ ही उन्होंने बताया कि स्लोवेनिया सेंट्रल यूरोप का सबसे ज्यादा पर कैपिटा जीडीपी वाला देश है।
ट्रेड एंड इकोनोमिक अफेयर्स की फर्स्ट काउंसलर माजा सेगोटा ने कहा कि निवेशक यूरोप के पूर्व और दक्षिण पूर्व में कस्टमर नेटवर्क स्थापित करना चाहते हैं जिससे वे अपने बिजनेस का विस्तारकर सके। इसके लिए अनुकूल परिस्थितियां, व्यापार स्थापित करने के लिए ढांचागत सुविधाएं और तकनीकी तौर पर दक्ष मानव शक्ति स्लोवेनिया में उपलब्ध है।
इस दौरान सीआईआई चंडीगढ़ काउंसिल के चेयरमैन डॉ. दिनेश दुआ ने भारत और स्लोवेनिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार पर बातचीत करते हुए कहा कि भारत और स्लोवेनिया के बीच बीते कुछ वर्षों में आर्थिक एवं व्यावसायिक रिश्ते और अधिक मजबूत हुए हैं खासतौर पर निवेश के क्षेत्र में भारत और स्लोवेनिया और करीब आए हैं।