पंजाब में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब गांवों में भी कोरोना के केस बढ़ने लगे हैं। गांवों में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कोरोना मुक्त पिंड अभियान शुरू किया है। लेकिन लुधियाना में एक गांव ऐसा भी है, जहां डिस्पेंसरी भी नहीं है। गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। ग्रामीणों के अनुसार, वे इलाज के लिए शहर जाते हैं। हमें कोरोना के बारे में जागरूक करने भी कोई नहीं आया।
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को उन गांवों को 10 लाख रुपये की विशेष विकास अनुदान देने की घोषणा की जो सौ फीसदी वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा कर लेंगे। कैप्टन मंगलवार को गांवों के सरपंचों के साथ वर्चुअल बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने गांवों में कोविड रोकथाम की रणनीति पर विचार किया गया।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संक्रमण प्रसार रोकने के लिए रविवार को कोविड की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में ग्रामीण कोविड विजय कार्यक्रम की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता, ग्रामीण पुलिस अधिकारी और युवा स्वयंसेवी इस अभियान का हिस्सा होंगे।
उत्तर प्रदेश के गांवों में पैदा हुई स्थिति से बचने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस जंग में समुदाय के सभी वर्गों को शामिल करने पर जोर देते हुए स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को निर्देश दिए कि गांवों में सभी भाई चारों को लामबंद करने के लिए बड़े स्तर पर मुहिम शुरू की जाए। इस प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए खुशहाली के रक्षकों (जीओजी) और पुलिस फोर्स की तरफ से मिलकर काम किया जाए।