पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस को निर्देश दिया है कि यदि कोई पादरी उनसे शिकायत करता है तो उसे अनदेखा न किया जाए।
हाईकोर्ट ने यह निर्देश हिसार के कैमरी गांव में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद नेशनल क्रिश्चियन लीग की ओर से दायर याचिका के मामले में दिया है। याचिका के जरिए मांग की गई थी कि प्रदेश के चर्चों की सुरक्षा व्यवस्था में इजाफे के तहत वहां 24 घंटे पुलिस तैनाती सुनिश्चित की जाए।
लीग के अध्यक्ष जगदीश महीक की याचिका सुनवाई के लिए जस्टिस एसकेमित्तल व जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की डिवीजन बेंच के पास वीरवार को आई।
मामले में पेश हुए एडवोकेट जेएस बैंस ने हिसार प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि घटना के बाद से ईसाई समुदाय भयभीत है। ऐसे में चर्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि समुदाय खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
बेंच ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की समस्त चर्चों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए 24 घंटे सुरक्षा प्रबंध में सैकड़ों पुलिसकर्मियों की तैनाती संभव नहीं है। इस पर याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली, लेकिन बेंच ने हरियाणा पुलिस को निर्देश दिया है कि जब भी कोई पादरी किसी समस्या को लेकर उनसे संपर्क करे तो पुलिस को तुरंत कार्रवाई करे।