चंडीगढ़ के गांव दड़वा में एक ट्यूबवेल में वीरवार रात क्लोरीन गैस लीक हो गई। गैस लीक होने से अफरातफरी फैल गई। गैस इतनी ज्यादा फैल गई कि वहां काम कर रहे पांच लोग बेहोश हो गए।
इनमें ट्यूबवेल का कर्मचारी गुरदेव सिंह भी था। गुरदेव को सेक्टर-16 के जनरल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बाकी चार लोगों राधा, भारन, बिमलादेवी और पिंटू को मनीमाजरा अस्पताल में भर्ती किया गया।
इनमें पिंटू की हालत गंभीर हो गई और उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया। चारों ट्यूबवेल के पास ही एक आयरन स्टोर में काम कर रहे थे।
इसी स्टोर में काम करने वाले सोनू ने बताया कि वे अपने दस-बारह साथियों के साथ यहां काम कर रहे थे। रात करीब आठ बजे उन्हें गैस की दुर्गंध आई। उन्हें लगा कि कोई सिलेंडर लीक कर रहा है। वे ट्यूबवेल के पास गए तो गैस बहुत ज्यादा फैलने लगी और लोग बेहोश होकर गिरने लगे। बाकी लोगों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। सवा आठ बजे पुलिस कंट्रोल रूम और फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया।
पुलिस ने बेहोश लोगों को अस्पताल पहुंचाया। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। उन्होंने फौरन ट्यूबवेल से सिलेंडर निकालकर उसकी नोस बंद कर दी, फिर सिलेंडर को पास ही बने नाले में फेंक दिया गया, ताकि गैस बाहर न फैले। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की टीम समय पर न पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर प्रशासन के पब्लिक हेल्थ सर्किल के एक्सईएन, एसडीओ और अन्य अधिकारी भी पहुंचे थे।
फायर ब्रिगेड के कर्मचारी भी आए चपेट में
क्लोरीन गैस की चपेट में फायर ब्रिगेड के पांच जवान भी आ गए, जिनमें लीडिंग फायरमैन सतपाल सिंह, फायरमैन पवन, त्रिलोकराज, ड्राइवर हरजिंदर सिंह और ओमप्रकाश शामिल थे। इन्हें गले में दिक्कत शुरू हो गई थी। इन सभी को फौरन मनीमाजरा अस्पताल ले जाया गया। यहां इन सबको प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।