वायुसेना ने चंडीगढ़ से चिनूक व पठानकोट से अपाचे हेलिकॉप्टर को एलएसी पर तैनात कर दिया है। दोनों हेलिकॉप्टर अब एलएसी एरिया पर ही रूटीन एक्सरसाइज जारी रखेंगे। वेस्टर्न एयर कमान के स्टेशनों पर लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रन बढ़ाए जा रहे हैं।
मिग, हरक्यूलिस, मिराज, सुखोई विमान पहले से ही एलएसी पर तैनात हैं। वायुसेना सूत्रों ने बताया कि युद्ध जैसे हालात बनते हैं तो उत्तर भारत के सभी एयरबेस पूरी क्षमता के साथ अपने एक्शन को अंजाम देने लिए तैयार हैं। नॉर्दन और वेस्टर्न कमांड की कई सैन्य यूनिट तैनात की गई हैं। आईटीबीपी ने भी एलएसी पर जवानों की संख्या बढ़ाई है।
सीमा पर आईटीबीपी के 2000 जवान और भेजने की तैयारी
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आईटीबीपी के करीब 2000 जवानों को अग्रिम मोर्चे पर तैनात करने की तैयारी चालू कर दी है। देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात जवानों को बुलाना चालू कर दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, करीब 20 अतिरिक्त कंपनी सीमा पर तैनात करने की योजना है।