चंडीगढ़ सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी हत्याकांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच की पूछताछ में सामने आया है कि हत्या की पटकथा जनवरी में ही लिख दी गई थी लेकिन शूटरों को दिया गया हथियार फेल होने से उस समय वारदात टल गई। पिस्टल का परीक्षण किया गया पर गोली नहीं चली। इसके बावजूद आरोपियों ने रेकी पूरी कर ली और योजना को स्थगित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक जनवरी में राहुल शर्मा कजहेड़ी में पीयूष पहलवान को पिस्टल देने पहुंचा था। उसके साथ एक अन्य सहयोगी भी मौजूद था। हथियार की तकनीकी खामी के कारण हत्या को अंजाम नहीं दिया जा सका। करीब दो माह बाद, 18 मार्च को उसी साजिश में चिन्नी की हत्या कर दी गई।
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि पूरे घटनाक्रम के पीछे गैंगस्टर लक्की पटियाल और मलोया निवासी मुकुल राणा की मुख्य भूमिका थी। मुकुल ने राहुल शर्मा के माध्यम से शूटरों तक हथियार, बाइक और अन्य संसाधन पहुंचाए। डीएसपी लक्ष्य पांडेय और इंस्पेक्टर नरेंद्र पटियाल की टीम ने इस नेटवर्क की परतें खोलते हुए कई अहम कड़ियों को जोड़ा है।
राहुल ने किया ढाई लाख रुपये का इंतजाम
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मुकुल राणा ने राहुल शर्मा को विभिन्न स्थानों से फंड जुटाने के निर्देश दिए थे। राहुल ने दो चरणों में 1.30 लाख और 1.20 लाख रुपये एकत्र किए। इसके बाद जानू मलिक के जरिये जुझार नगर स्थित मनी एक्सचेंज से यह रकम बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई गई।
प्रारंभिक जांच में यह रकम हत्याकांड में इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई है। पुलिस अब फंडिंग चैनल और संबंधित खातों की पड़ताल कर रही है। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या में प्रयुक्त आर-15 बाइक चोरी की थी जिसे वारदात से पहले डड्डूमाजरा इलाके में छिपाया गया। अगले दिन राहुल और कमलजीत बाइक को कजहेड़ी लेकर पहुंचे।
सेक्टर-38 में पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाने के बाद शूटरों को बाइक, हथियार और 20 हजार रुपये सौंपे गए। हथियार और कारतूस बाइक की सीट के नीचे छिपाए गए थे। वारदात के बाद दोनों आरोपी तुरंत भाग निकले। अमर उजाला ने 20 मार्च को न्यू चंडीगढ़ तक हुई रेकी, कजहेड़ी से मिला हथियार और बाइक का खुलासा कर दिया था।
जंगी एप से होती थी बात
पूरे ऑपरेशन में संचार के लिए जंगी मोबाइल एप का इस्तेमाल किया गया। मुकुल राणा ने राहुल को यह एप डाउनलोड करवाया था जिसके माध्यम से वह लक्की पटियाल और अन्य सहयोगियों के संपर्क में रहता था। जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ में लक्की पटियाल का नेटवर्क मुकुल राणा के जरिए संचालित हो रहा था जिसमें ट्राईसिटी के कई युवक शामिल थे। सूत्रों के अनुसार मुकुल राणा पहले भी चंडीगढ़ में गिरफ्तार हो चुका है और फिलहाल विदेश से इस नेटवर्क को संचालित कर रहा है। पुलिस ने कई संदिग्धों की पहचान कर ली है और गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी गई है। चिन्नी की हत्या के बाद पंजाब एजीटीएफ ने पीयूष और प्रीतम को कैथल से गिरफ्तार किया था, जहां मुठभेड़ में दोनों घायल हुए थे।