चंडीगढ़। सेक्टर-9 स्थित जिम के बाहर करीब पांच महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी कुबाहेड़ी की दिनदहाड़े हत्या के मामले में आरोपी हर्षप्रीत सिंह की नियमित जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। आरोप है कि हर्षप्रीत ने कांट्रेक्ट किलिंग में बिचौलिए की भूमिका निभाई और अमरीन कौर की गैंगस्टर लक्की पटियाल से फोन पर बात करवाई। इसके बदले उसे एक लाख रुपये मिले थे। शिकायतकर्ता पक्ष की वकील दीपा दुबे के मुताबिक, अब सत्र अदालत में आरोप तय करने को लेकर बहस होगी। मामले में सप्लीमेंट्री चालान भी पेश किया जाना है।
पुलिस जांच के अनुसार, चिन्नी की हत्या की सुपारी सेक्टर-35 निवासी अमरीन कौर ने लक्की पटियाल को 50 लाख रुपये में दी थी। दोनों के बीच प्रॉपर्टी को लेकर विवाद बताया गया है। जांच के दौरान 29 अप्रैल को हर्षप्रीत को सेक्टर-26 स्थित सत्संग भवन के पास गिरफ्तार किया गया। उसके पास से विदेशी .45 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। पुलिस के मुताबिक, लक्की पटियाल ने हत्या के लिए शूटर पीयूष पहलवान और प्रीतम को भेजा था। दोनों ने 18 मार्च को जिम के बाहर चिन्नी पर गोलियां बरसाईं। पुलिस ने अगले दिन दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।