मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम का मिजाज अभी बदलेगा। ठंड और कोहरा बढ़ेगा, ठिठुरन भी सताएगी। ऐसे में तैयार रहें लोग। रविवार का दिन मौसम परिवर्तनशील रहा। कोहरे के साथ दिन भर चली ठंडी हवाओं से लोग ठिठुरते नजर आए। हालांकि, यह सर्दी की केवल शुरूआती दस्तक है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले दो-तीन दिन में पश्चिमी विक्षोभ भारत में पहुंच जाएगा, जिसके बाद चलने वाली चक्रवाती हवाओं से ठंड और बढ़ जाएगी।
कोहरा भी और घना हो जाएगा। यूं तो दिसंबर के शुरूआत से ही कोहरे ने दस्तक दे दी थी, लेकिन दोपहर तक धूप निकलने के बाद मौसम सामान्य हो जा रहा था। रविवार को मौसम ने अचानक करवट ली और घने कोहरे के साथ-साथ ठंडी हवाएं भी चलीं। इस कारण लोग दिन भर घरों में दुबके रहे। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. राज सिंह के अनुसार, 28 दिसंबर के बाद भारत में पश्चिमी विक्षोभ आ जाएगा।
इसके बाद चक्रवाती हवाएं भू-मध्यीय सागर से उठकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान से होते हुए उत्तर भारत में प्रवेश करेंगी। पश्चिमी विक्षोभ के कारण सबसे पहले श्रीनगर, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की तरफ बर्फबारी होगी। इसके बाद हरियाणा और पंजाब आदि प्रदेशों में ठंडी हवाएं चलेंगी। ऐसे में कोहरे के साथ ठंड बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, हवाएं चलने के बाद भी पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार सर्दी कम रहेगी। मौसम में हो रहे परिवर्तन को देखते हुए फिलहाल बारिश की संभावना कम है। किसी-किसी स्थान पर आंशिक बादल और बूंदाबांदी हो सकती है।
पिछले वर्ष पहले सप्ताह में आया था पश्चिमी विक्षोभ
बारिश ने बढ़ाई ठंड
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मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पिछले साल पश्चिमी विक्षोभ दिसंबर के पहले सप्ताह में आ गया था, जिस कारण ठंड अधिक हुई थी। इस बार पश्चिमी विक्षोभ देर से आने के कारण ठंड की स्थिति पिछले वर्ष के मुकाबले सामान्य रहेगी।
तापमान कम होने पर गेहूं की फसल को होगा फायदा
कृषि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान में गिरावट के चलते गेहूं, सरसों, सब्जी और फलदार फसलों की सिंचाई आवश्यकतानुसार करनी चाहिए। फसलों में न अधिक पानी दें और न ही उन्हें सूखा रहने दें। हालांकि, यदि न्यूनतम तापमान अधिक नीचे जाता है तो सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है।
- डॉ. राज सिंह, विभागाध्यक्ष कृषि मौसम विज्ञान विभाग एचएयू हिसार