सर प्लीज! पापा की शराब छुड़वा दो। चॉकलेट दूंगा। चाइल्ड हेल्पलाइन पर हर माह पूरे प्रदेश में ऐसे करीब 1200 तक फोन आते हैं। बाल संरक्षण आयोग और बाल कल्याण समिति द्वारा ऐसे मामलों में पिता की काउंसिलिंग की जाती है।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर पांच दिन पहले रोहतक निवासी छठी क्लास के एक बच्चे का फोन आया। उसने गुहार लगाई पापा रोज शराब पीकर आते हैं। मम्मी और हमें पीटते हैं। प्लीज अंकल उनकी शराब छुड़वा दो। आपको चॉकलेट देंगे। मामला बाल कल्याण समिति को सौंपा गया। समिति ने बच्चे के पिता की काउंसिलिंग की और शराब छोड़ने के लिए राजी किया। बाल कल्याण समिति रोहतक के चैयरमैन राज सिंह सांगवान के अनुसार यह कोई इकलौता मामला नहीं है। हर महीने अकेले रोहतक जिले से ही ऐसी 50 से ज्यादा कॉल आती हैं।
हरियाणा बाल संरक्षण आयोग के अनुसार रोहतक के अलावा झज्जर, सोनीपत, करनाल, पानीपत, कैथल, रेवाड़ी, यमुनानगर, अंबाला, महेंद्रगढ़, भिवानी और सिरसा से भी ऐसे काफी शिकायतें रोज मिलती हैं। इस साल 13 जुलाई तक ही बच्चों की 7042 शिकायतें 1098 नंबर पर आ चुकी हैं। सोनीपत से तो एक चौथी कक्षा के बच्चे ने फोन कर बताया कि पापा और भाई दोनों शराब पीकर मारपीट करते हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन से ये मामले हरियाणा बाल संरक्षण आयोग और संबंधित जिलों की बाल कल्याण समिति को ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। बाल कल्याण समिति पिता को बुलाकर काउंसिलिंग के माध्यम से शराब छुड़वाने का प्रयास करती है। कई मामलों में शराब छुड़वाई भी गई है।
पूरे प्रदेश में बच्चों के हर माह 1200 कॉल ऐसे होते हैं, जिनमें पिता की शराब की लत छुड़ाने का आग्रह किया जाता है। इनमें से कई बड़ी मासूमियत से बदले में चॉकलेट देने की बात भी करते हैं। इन मामलों में बच्चों की मदद की जाती है।
- बालकृष्ण गोयल, सदस्य, हरियाणा बाल संरक्षण आयोग