युवराज सिंह की मां के घर हादसे में बच्चे की मौत
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क्रिकेटर युवराज सिंह की माता शबनम की कोठी का गेट एक मासूम के मौत की वजह बन गया। मामले में कुछ सवाल उभरे हैं, जवाब कौन देगा? सेक्टर के लोग मानते हैं कि इतने बड़े भारीभरकम गेट को खड़ा करने में अधूरे इंतजाम और लापरवाही बरती गई है। इसी वजह से निर्माणाधीन बंगले का मेन गेट गिरा है।
एक सवाल ये भी उभरा कि जो लोहे का गेट आठ साल के मासूम के हिलाने भर से गिर गया था। उस गिरे हुए गेट को अगर चार लोग भी हिलाना चाहें तो लाजिमी तौर पर वे विफल साबित होंगे। क्योंकि गेट का वजन कई क्विंटल बताया गया है। गेट का आधा हिस्सा जहां मजबूत प्रबंध करके कोठी पर टिका है, वहीं इसका बड़ा हिस्सा बगैर किसी मजबूत प्रबंध के खड़ा किया गया था।
ये स्थिति भले पुलिस को नजर नहीं आई, लेकिन जिसने भी गिरे हुए गेट के हालात देखे उसने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। सेक्टर-4 निवासी कैप्टन गुलशन सतीजा ने भी माना कि गेट को गलत ढंग से खड़ा किया गया था। यदि खड़ा करने के साथ उसके पुख्ता प्रबंध किए जाते तो गेट किसी भी सूरत में नहीं गिरता।
घटना के बाद इस गेट के आधे हिस्से में दो चार्ट लटकाकर खतरे की चेतावनी दी गई है। बेशक ये लापरवाही मकान मालिक की ना हो, लेकिन जिस ठेकेदार की देखरेख में क्रिकेटर युवराज सिंह की माता शबनम की कोठी का काम चल रहा है वह इस घटना में बरती की लापरवाही के लिए जिम्मेदार है।