एक किशोर की निजी अस्पताल में मौत के बाद लोग भड़क गए। उन्होंने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की।
इसके बाद सड़क पर पहुंचकर जाम भी लगा दिया। लगभग चार घंटे तक प्रदर्शन और जाम के बाद पुलिस हरकत में आई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई भेज दिया है।
परिजनों ने बताया कि आठवीं का छात्र इशानदीप उनका इकलौता पुत्र था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने इशानदीप पुत्र गुरमीत सिंह को बुधवार को टांग के इलाज के लिए भोला अस्पताल में दाखिल कराया था।
वीरवार को ऑपरेशन से पहले सुबह आठ बजे बच्चे को अस्पताल में बेहोशी का इंजेक्शन लगाया गया। इसके कुछ ही देर बाद उसका शरीर नीला पड़ गया और मौत हो गई।
वीरवार को सुबह जैसे ही इसकी जानकारी हुई गुस्साए परिजनों, रिश्तेदारों और अन्य लोगों ने तीन बार भोला अस्पताल और एक बार अंबेडकर चौक पर शव रखकर प्रदर्शन किया।
धरना-प्रदर्शन और जाम से रेलवे रोड और गुलजारी लाल नंदाजी मार्ग का ट्रैफिक लगभग चार घंटे तक बाधित रहा। इसके बादवजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों हंगामे के प्रति बेखबर ही रहे।
पुलिस की लापरवाही से हुआ पथराव
बच्चे की मौत का मामला सीएम के संज्ञान में आने के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आया और सभी मौके पर पहुंच गए। बताया जाता है कि वहां पर डीएसपी निर्मल सिंह ने पीड़ित परिवार को ही धमकाना शुरू कर दिया।
इसके बाद गुस्साए लोग बेकाबू हो गए और उन्होंने अस्पताल पर पथराव कर दिया। डीएसपी निर्मल सिंह का कहना है कि आरोपी डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है। शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।