हरियाणा के राई स्पोर्ट्स स्कूल में वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब आईएएस खेमका नहीं, बल्कि एक बड़े ओहदे वाला अफसर करेगा। प्रदेश सरकार ने इस मामले पर विवाद गहराने के बाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका को जांच न सौंपकर मुख्य सचिव से जांच कराने का निर्णय लिया है। खेल मंत्री अनिल विज ने वित्तीय अनियमितताओं की जांच अशोक खेमका से कराने की मांग की थी। इसके बाद खेमका को जांच सौंपे जाने की अटकलें भी उठीं।
यह उम्मीद जताई जा रही थी कि इस मामले में खेमका जांच के लिए समन करने के अलावा जिस तरह की शक्तियां चाहते हैं, वह उन्हें सरकार सौंपेगी। लेकिन, सरकार ने अब उनके बजाय मुख्य सचिव से जांच कराने की हामी भर दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी बीते दिनों इस मामले की जांच मुख्य सचिव से कराए जाने की बात कह चुके हैं। बुधवार को इस पर निर्णय आखिर सरकार ने ले लिया। स्कूल की अनियमितताओं को लेकर विवाद इतना गहरा चुका है कि वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और खेल मंत्री अनिल विज में ठनी हुई है।
स्कूल में अनियमितताओं का आडिट करने गई जांच टीम पर खेल मंत्री विज के निर्देश पर पुलिस डीडीआर दर्ज कर चुकी है। स्कूल निदेशक भारती अरोड़ा ने आरोप लगाया था कि ऑडिट टीम अपने साथ स्कूल का रिकार्ड ले गई है और उसे वापस नहीं कर रही। उसके साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। इसके बाद विज ने एफआईआर करने के निर्देश दिए थे, लेकिन दर्ज डीडीआर ही हुई। अब मुख्य सचिव को जांच सौंपे जाने से पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है। चूंकि, अब अधीनस्थ अधिकारियों के लिए इस मामले में हीलाहवाली करना आसान नहीं होगा।