15 से 17 मार्च और 19 से 20 मार्च को होने वाला जी-20 सम्मेलन अमृतसर में ही होगा। पंजाब के मुख्य सचिव ने सम्मेलन रद्द होने की खबरों को अफवाह बताया। की बैठकों पर राज्य में बिगड़ रही कानून-व्यवस्था का प्रभाव पड़ सकता है। दरअसल, अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला के ट्वीट कर सम्मेलन रद्द होने के संकेत दिए थे। वहीं कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने इस ट्वीट को रिट्वीट भी किया था। दोनों नेताओं ने ट्वीट कर इसके लिए केंद्र व पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला का कहना है कि अमृतसर में होने वाले जी-20 सम्मेलन को रद्द करना पंजाब को गिराने की साजिश है। केंद्र से अपील है कि इन कार्यक्रमों को रद्द न किया जाए। जम्मू-कश्मीर में भी यह कार्यक्रम सुरक्षित तरीके से पूर्ण हुआ है। वहीं, सुखपाल खैरा ने इसे बड़ा झटका बताया है। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब में निवेश के प्रयासों को भी धक्का लगेगा। हालांकि, पंजाब के मुख्य सचिव वीके जंजुआ ने इसे अफवाह बताया। उनका कहना है कि बैठक निर्धारित समयानुसार ही होंगी। कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दूसरी ओर आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सिख युवाओं से अपील की है कि वह खालिस्तान की मांग को लेकर जी-20 में शामिल होने के आ रहे प्रतिनिधियों तक अपनी आवाज पहुंचाएं। केंद्र सरकार ने एक सप्ताह पहले अमृतसर में हालात की समीक्षा करने को अधिकारियों को कहा था। केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब के हालात को बहुत बढ़िया नहीं बताया है। अजनाला थाने पर खालिस्नान समर्थकों का हमला, तरनतारन के सरहाली पुलिस स्टेशन पर आरपीजी अटैक और गुरपतवंत पन्नू के भड़काऊ वीडियो को इसका आधार माना जा रहा है। केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद केंद्र ने सुरक्षा बलों की 18 अतिरिक्त कंपनियां पंजाब भेजी थीं।