डेरामुखी को साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई कोर्ट के सजा सुनाते ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यहां उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। निर्णय आने से पहले ही उन्होंने मुख्य सचिव डीएस ढेसी, गृह सचिव रामनिवास और डीजीपी बीएस संधू को अपने सरकारी निवास पर बुला लिया था।
सजा का एलान होने के बाद सीएम ने पूरे प्रदेश की कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से रिपोर्ट ली। गृह सचिव और डीजीपी को सजा के बाद के हालात से हर जिले डीसी, एसपी, आईजी और अन्य उच्च अधिकारियों ने अपडेट करा दिया था।
सीएम ने रिपोर्ट लेने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय और पीएमओ को ताजा हालात और स्थिति शांतिपूर्ण होने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेशवासियों, समाज के लोगों व डेरा प्रेमियों से सीबीआई न्यायालय के निर्णय का सम्मान करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।
न्यायालय के निर्णय का सभी को सम्मान करना चाहिए। दो साध्वियों से रेप के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को कुल 20 साल की सजा सुनाई है, और 15-15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसे ध्यान में रखते हुए न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
प्रदेश में शांति कायम रखने के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं। कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।