इलाज कराने वाले व्यक्ति का प्राथमिक उपचार की फाइल पर महज दो हजार रुपये खर्च होगा। एक बार कार्ड बनने के बाद 90 फीसदी इलाज मुख्यमंत्री कैंसर राहत कोष के डेढ़ लाख रुपये से होगा। यह राशि अब सीधे तौर पर अस्पताल के खाते में डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में इस तरह के कैंसर अस्पताल पटियाला, फाजिल्का, बठिंडा, मुल्लांपुर और अमृतसर में बनाए जा रहे हैं।
मुल्लांपुर अस्पताल 300 बैड का कैंसर अस्पताल अगली दिवाली तक शुरू हो जाएगा। इस मौके पर सेहत मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने कहा कि अस्पतालों में डाक्टरों और अन्य रिक्त पदों को जल्द पूरा किया जाएगा। निजी अस्पताल मरीजों का जमकर शोषण कर रहे हैं जिसे रोकने के लिए जल्द नई नीति लाई जा रही है। इसके तहत मरीज को हर टेस्ट और दी गई दवाई का विवरण पेश करना अस्पताल प्रबंधकों को अनिवार्य होगा।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री विजयइंद्र सिंगला, टाटा मैमोरियल के डायरेक्टर डॉ. आरके बड़वे, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर, पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल, विधायक सुरजीत सिंह धीमान, विधायक दलवीर सिंह गोल्डी खंगूड़ा, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजिंदर सिंह राजा बीरकलां, दामन थिंद बाजवा और मास्टर अजैब सिंह रटौल मौजूद थे।