चीफ खालसा दीवान (सीकेडी) के बर्खास्त प्रधान चरणजीत सिंह चड्ढा के बेटे इंद्रप्रीत ने बुधवार को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इंद्रप्रीत की लाश रंजीत एवेेन्यू स्थित घर के बाहर कार में मिली। कार से उसकी लाइसेंसी रिवाल्वर भी बरामद हुई है।
पिता की अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद इंद्रप्रीत सिंह भी केस में नामजद था। एक दिन पहले ही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) ने उससे पूछताछ की थी। पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव का कहना है कि इंद्रप्रीत ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या की है। इंद्रप्रीत की आत्महत्या को लेकर चर्चाओं को दौर गर्म है।
तीन दिन पहले इंद्रप्रीत को पीड़िता को धमकाने के आरोप नामजद होने पर अदालत ने चार दिन के भीतर पुलिस जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। पुलिस जांच में मामले की जांच की रही एसआइटी के चेयरमैन व एडीपीसी (क्राइम) हरजीत सिंह धालीवाल, एसीपी परविंदर कौर और इंस्पेक्टर वरिंदर महाजन ने बारी-बारी से आरोपी से 30 से ज्यादा सवाल पूछे थे। वह कई सवालों पर इंद्रप्रीत सिंह सन्न रह गया था। पुलिस जांच में वह परेशान दिख रहा था।
मंगलवार को तीन बजे के बाद इंद्रप्रीत सिंह अपने तीन वकीलों और कुछ दोस्तों के साथ जांच में शामिल होने के लिए पहुंचा था। पूछताछ से पहले टीम ने सभी को कार्यालय से बाहर रहने के आदेश दिए थे। इसके बाद दो घंटे तक उससे पूछताछ की गई। पुलिस ने एक सूची तैयार कर रखी थी। सूची में तीस से ज्यादा सवाल थिे। एसआइटी के तीनों अधिकारियों ने इंद्रप्रीत सिंह से सवाल पूछे। हालांकि बार-बार इंद्रप्रीत यही कह रहा था कि वह बेकसूर है और उसे साजिश के तहत केस में फिट किया गया है।