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Haryana News: ITO बैराज के बंद पांच गेट की वजह से दिल्ली में नहीं आई बाढ़, चीफ इंजीनियरों की टीम ने किया दौरा

Wed, 19 Jul 2023 12:59 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चीफ इंजीनियर सतबीर कादियान ने कहा कि आरोप लगे कि हथिनीकुंड बैराज से वेर्स्टन यमुना के नाम पर ज्यादा पानी छोड़ा गया और आईटीओ बैराज के जाम गेट नहीं खुले, इस वजह से दिल्ली में बाढ़ आई। यह आरोप सरासर गलत हैं। 
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Delhi Flood News - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईटीओ बैराज के बंद पांच गेट की वजह से हरियाणा व दिल्ली सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है। हरियाणा सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को दिल्ली के आईटीओ बैराज व ओखला बैराज का दौरा कर दिल्ली में आई बाढ़ के कारणों की जांच की। इस दौरान उन्होंने कई तथ्यों को इकट्ठा किया। चीफ इंजीनियर सतबीर कादियान ने कहा कि आरोप लगे कि हथिनीकुंड बैराज से वेर्स्टन यमुना के नाम पर ज्यादा पानी छोड़ा गया और आईटीओ बैराज के जाम गेट नहीं खुले, इस वजह से दिल्ली में बाढ़ आई। यह आरोप सरासर गलत हैं। 

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दिल्ली में बाढ़ के ये दोनों तकनीकी कारण तो बिल्कुल नहीं है। हमारी टीम ने फैक्ट इकट्ठा कर लिए हैं। अगले हफ्ते सीएम को रिपोर्ट सौंप देंगे। इस रिपोर्ट का यह मकसद बिल्कुल नहीं है कि हम किसी को गलत साबित करें। रिपोर्ट में यह भी होगा कि वे कौन से कदम हैं, जिनसे दिल्ली के लोगों को दोबारा बाढ़ की त्रासदी न झेलनी पड़े।

उन्होंने बताया कि आईटीओ ब्रिज से पानी डायवर्ट कर आईपीजीसीएल प्लांट पर लेकर जाते थे। बाद में उसे बंद कर दिया गया। एक तरह से इन गेटों की अब कोई उपयोगिता नहीं रही। आईटीओ ब्रिज पर 32 गेट हैं, जिस दिन दिल्ली 5.59 लाख क्यूसिक पानी आया, उस दिन 28 गेट चल रहे थे। जबकि सिर्फ चार गेट बंद थे। अगर इन गेटों को भी खोल दिया जाता तो दिल्ली के जलभराव में कुछ ही कमी आती। इनमें से दो गेट खुल चुके हैं और अगले 48 घंटे में दोनों गेट भी खुल जाएंगे। इस बारे में एजेंसी को टारगेट दे दिया गया है।

पांच साल से रखरखाव का पैसा नहीं दिया

सूत्रों ने बताया है कि आईटीओ बैराज का निर्माण तीन लाख क्यूसिक पानी की क्षमता के साथ किया गया था। बैराज से आईपीजीसीएल प्लांट को पानी उपलब्ध कराया जा रहा था। इस दौरान दिल्ली सरकार ने बैराज के रखरखाव के लिए हरियाणा सरकार को भुगतान भी किया था। 2019 में प्लांट बंद होने के बाद दिल्ली सरकार ने हरियाणा सरकार का भुगतान रोक लिया। आखिरी चेक 2020 में दिया गया था।

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