देश भर में सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ नहाय खाय के साथ बुधवार से शुरू हो जाएगा। गुरुवार को खरना, शुक्रवार को अस्ताचलगामी सूर्य और शनिवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महापर्व का समापन होगा। चंडीगढ़ में सेक्टर-42 के न्यू लेक पर छठ पूजा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
शहर की पूर्वांचल सभा की ओर से न्यू लेक पर छठ पूजा के आयोजन के लिए चंडीगढ़ के उपायुक्त से अनुमति मांगी गई है। पूर्वांचल सभा के चेयरमैन और पार्षद अनिल दुबे ने बताया कि सेक्टर-42 के न्यू लेक पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी छठ पूजा का आयोजन किया जाएगा। हालांकि इस बार लेक पर किसी तरह का स्टेज नहीं लगाया जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि न्यू लेक पर केवल व्रती ही आएं और अधिक लोगों को साथ लेकर न पहुंचें।
संस्था ने आयोजन के लिए चंडीगढ़ के उपायुक्त से लिखित में अनुमति मांगी गई है। उम्मीद है एक दो दिनों में छठ पूजा के आयोजन की अनुमति प्रशासन से मिल जाएगी। पार्षद अनिल दुबे ने कहा कि व्रतियों के लिए मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था संस्था की ओर से की जाएगी। उन्होंने बताया कि पूरी तरह से स्वच्छ और उपवास रहकर व्रतियों के लिए सैनिटाइजर और मास्क बांटा जाएगा ताकि शुद्धता में कमी न रह जाए।
टब में भरे पानी में खड़े होकर देंगे सूर्य को अर्घ्य
कोरोना के मद्देनजर सेक्टर-47 के मकान नंबर-111 के सामने के वायु सेना पार्क में इस वर्ष छठ पूजा का आयोजन नहीं होगा। यह फैसला छठ पूजा समिति सेक्टर-47 ने लिया है। समिति इस वर्ष तीन जगहों पर छठ पूजा का आयोजन करेगी। इस दौरान खास बात यह रहेगी कि व्रती कृत्रिम सरोवर के जल में न खड़े होकर टब में भरे पानी में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य प्रदान करेंगे।
समिति 17 वर्षों से पार्क में कृत्रिम सरोवर का निर्माण करके छठ पूजा का आयोजन करती आ रही है। इस दौरान वहां करीब 80 से 100 व्रती सूर्य को अर्घ्य देने के लिए आते हैं। इस बार सेक्टर-31 के वायु सेना मंदिर, सेक्टर-47 के श्री राधा कृष्ण मंदिर और सेक्टर-47 के श्रीराम मंदिर परिसर में छठ पूजा होगी। वहीं पूर्वांचल संगठन समिति भी इस वर्ष छठ पूजा करवाएगी। समिति के महासचिव संजय बिहारी ने बताया कि कि छठ पूजा का आयोजन मलोया गांव के बस स्टैंड के पास स्थित तालाब में होगा।
जब रैलियां हो सकती हैं तो छठ पूजा में क्या दिक्कत है
गांव दड़वा के लख दाता लालावाला पीर के साथ कृत्रिम सरोवर का निर्माण किया गया है। इस सरोवर के फर्श पर पिछले वर्ष ही टाइलें लगाई गई हैं। गांव के पूर्व सरपंच और ग्रामीण विकास कमेटी के सदस्य गुरप्रीत सिंह हैप्पी ने बताया कि छठ पूजा हर हाल में होनी चाहिए। जब रैलियां हो सकती हैं तो छठ में क्या दिक्कत है।